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हास्य कहानिया

शेख चिल्ली

akbar and birbal stories in hindi
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Written by Hindibeststory

शेख चिल्ली गरीब परिवार में जन्मा शेख चिल्ली धीरे – धीरे जवान हो गया. पढ़ाई – लिखाई तो कुछ की नहीं इसलिए दिनभर कंचे खेलता था. एक दिन जब वह कंचे खेलकर घर आया तो उसकी मां उसपर खूब गुस्सा हुई और बोली कोई तो काम धंधा करो. बैठे – बैठे खाते हो. यह बात शेख चिल्ली को बहुत बुरी लगी. वह शहर की और काम की तलाश में निकल पडा . मां ने उसे रास्ते के लिए सात रोटियाँ दीं.

चलते – चलते दोपहर हो गयी. शेख चिल्ली को प्यास लगी थी और वह काफी थक गया था, तभी उसे पास में एक कुआं दिखा. वहाँ एक बरगद का पेड़ भी था. शेखचिल्ली ने छाया देखि और कुआ भी था तो वह वहाँ बैठ गया. उसने सोचा कुछ खाकर आराम कर लेता हूँ फिर चलूँगा. उसने रोटी गिनाते हुए कहा ” एक खाऊं..दो खाऊ..या सातो खा जाऊं”. उस कुएं में सात परियां रहती थीं. यह बात सुनकर वे डर गयीं . वे कुएं से बाहर आयीं और डरते हुए बोलीं ” देखो हमें मत खाना . हम तुम्हे यह घडा देते हैं . इससे जो कुछ मांगोगे यह देगा”.

शेखचिल्ली मान गया. वह रोटियाँ और घडा लेकर वापस घर आ गया और मां को सारी बात बताई . मां ने पहले तो विश्वास नहीं , लेकिन उसके बार बार कहने पर वह मान गयी और घड़े से ढेर सारी दौलत मांगी. घड़े ने दे दी. वह बहुत खुश हुई. लेकिन उसे शेखचिल्ली की मुर्खता पर पूरा विश्वास था की यह गाव वालों को सब कुछ बता देगा. इसीलिए उसकी मां ने दिमाग लगाया और बाज़ार से खूब ढेर सारे बतासे ले कर आई .उसने घर की छप्पर पर चढ़कर खूब बताशे बरसाए और शेखचिल्ली को लुटाने को कहा. शेखचिल्ली ने खूब बताशे लूटे और खाए . गांववालों को बड़ा ताज्जुब हुआ कि इसके पास इतनी दौलत कहा से आई. उसने एक दिन शेखचिल्ली को बातों में फसा लिया और शेखचिल्ली से सारा माजरा पूछा. शेखचिल्ली ने उनको घड़े वाली बात बता दी. गाँव वालों ने उसकी मां से घड़ा दिखाने ककी जिद करने लगे. इस शेखचिल्ली की मां ने कहा ” आप लोग शेखचिल्ली की बातों पर विश्वास कर गए. यह सब झूठ है. हमारे पास कोई घडा ही नहीं है. ” तभी शेखचिल्ली बोला ” अरे , मैंने घडा दिया था न…उस घड़े से जो कुछ मांगों मिल जाता है और उस दिन छप्पर से बताशे भी बरसाए थे. ”

मां ने गांववालों से हंसकर कहा ” सूना आपने ! भला छप्पर से कभी बताशे बरसते हैं. यह तो ऐसे ही मूर्खतापूर्ण बाते करता है और आप लोग तो शायद मुर्ख नहीं हैं”. यह सुनकर गांववाले लज्जित होकर वहाँ से चले गए. मित्रों आपको यह hindi kahani शेख चिल्ली कैसी लगी जरुर बताएं और इस तरह की hindi kahani के लिए ब्लॉग को लाइक , शेयर और घंटी दबाकर सबस्क्राइब करें. इस ब्लॉग पर रोज new कहानियाँ और लेटेस्ट जानकारी पोस्ट होती है. दूसरी hindi kahani के लिए इस लिंक kahani in hindi पर क्लिक करें.

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