Pari ki kahani

स्नो वाइट की कहानी . Snow White Story in Hindi . फेयरी टेल्स इन हिंदी।

स्नो वाइट की कहानी हिंदी
Written by Abhishek Pandey

Snow White Ki Kahani

 

 

स्नो वाइट की कहानी एक समय की बात है। एक राज्य में एक राजा और रानी रहते थे।  राज्य बहुत ही खुशहाल था।  रानी को कोई संतान नहीं थी।  उन्हें एक खूबसूरत बेटी की चाहत थी।

 

 

 

एक दिन एक महान संत उनके राजदरबार में आये।  उन्होंने उनसे अपनी ख्वाहिश कही।  संत ने उन्हें आशीष दिया।  समय बीता और रानी को एक खूबसूरत लड़की हुई।

 

 

 

रानी ने उसका नाम स्नो व्हाइट रखा।  वह बर्फ की जैसे सफ़ेद  थी।  उसके बाल चमकीले थे।  उसकी खूबसूरती परियों से भी अधिक थी।  रानी बहुत खुश थी। वह उसे खूब प्यार करती थीं।

 

 

 

लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।  कुछ ही दिनों में रानी की मृत्यु हो गयी।  बेचारी स्नो व्हाइट पर दुखो कका पहाड़ टूट पड़ा।  राजा उदास रहने लगे।

 

 

 

इसपर उनके दरबारियों ने उन्हें दूसरी शादी करने का सुझाव दिया।  राजा मान गए।  स्नो व्हाइट की सौतेली माँ बहुत ही खूबसूरत थी, लेकिन वह दिल की बहुत ही बुरी थी।  उसे अपनी खूबसूरती पर बहुत ही घमंड था। उसके पास एक जादुई मिरर था।

 

 

 

 

वह उससे रोज पूछती कि, ” इस दुनिया में सबसे खूबसूरत कौंन है ? ” इस पर मिरर जवाब देता, ” सिर्फ आप और भला दूसरा कौन हो सकता है।  ” इस पर रानी बहुत ही प्रसन्न होती।

 

 

इधर राज्य के कामकाज में रानी के बढ़ते हस्तक्षेप से राज्य की माली स्थिति खराब होने लगी।  जिसकी भरपाई के लिए राजा को दूसरे देश के लिए जाना पड़ा।

 

 

Snow White ki Kahani स्नो वाइट की कहानी

 

 

 

समय तेजी से बीता और स्नो व्हाईट अब एक खुबसूरत युवती हो गयी थी।  एक खुबसूरत बाग़ में बने तालाव के किनारे पानी पीते समय एक राजकुमार को स्नो व्हाइट की छाया दिखाई दी। वह आश्चर्य से भर गया।  उसने इधर उधर नजर दौड़ाई , लेकिन पक्षियों के सिवा उसे कुछ और दिखाई नहीं दिया।

 

 

 

रोज की तरह रानी आज भी मिरर के पास पहुंची और उसने पूछा कौन है सबसे खुबसूरत।  पहले तो मिरर सकुचाया , लेकिन फिर उसने कहा ” स्नो व्हाइट  “

 

 

 

यह सुनते ही रानी बहुत ही क्रोधित हुई और अपने सबसे भरोसेमंद सिपाही को बुलाया और उसे ढेर सारा सोना देते हुए बोली कि तुम स्नो व्हाइट को जंगल में ले जाओ और उसे मार डालो।

 

 

Hindi Kahani

 

 

रानी ने बहाना बनाकर स्नो व्हाइट को सिपाही के साथ जंगल भेज दिया।  जंगल में वह घूम रही थी कि एक पक्षी प्यास से तड़पकर जमीन पर गिर पड़ा।

 

 

 

 

जब  स्नो व्हाइट ने उसे देखा तो वे उसे तुरंत ही पास के तालाव पर ले गयी और उसे पानी पिलाया।  यह देखकर कर सुरक्षाकर्मी का दिल पसीज गया।

 

 

 

उसने स्नो व्हाइट  को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी कीमत पर महल ना आयें , अन्यथा आपकी मौत निश्चित है।  यह कहकर वह वापस चला गया।

 

 

 

स्नो व्हाईट  को अकेले डर  लग रहा था।  वह रात के अँधेरे में एक पेड़ के नीचे बैठकर रोने लगी और रोते रोते सो गयी। उसे अपनी मां की बहुत याद आ रही थी।

 

 

 

सुबह पक्षियों की चहचहाहट से उसकी नीद खुली. बहुत सारे पक्षी उसके आस पास आ गए थे. जिनमें से बहुत स्नो व्हाइट के दोस्त थे।

 

 

 

 

उन सभी पक्षियों ने स्नो व्हाइट को रास्ता दिखाते हुए एक घर के पास लाये , जहां वे रहते थे।  उनका घर बहुत खुबसूरत और छोटा था।  कुछ सोचकर जब स्नो व्हाईट ने दरवाजा खोला तो अन्दर सबकुछ छोटा था और गन्दगी भी अन्दर बहुत थी।  उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, लेकिन उसके पास और कोई रास्ता नहीं था।

 

 

 

Snow White ki Kahani स्नो व्हाइट की कहानी 

 

 

 

स्नो व्हाइट  ने पहले तो पुरे घर की सफाई की और उसमें उन पक्षियों ने भी मदद की और उसके बाद उसने छोटे छोटे बर्तन में थोडा भोजन बनाया और खाया।  अब वह बहुत थक चुकी थी। उसे बहुत तेज नीद आ रही थी। उसे लगा कि वह यहाँ सुरक्षित है और उसने कई सारे बेड को जोड़कर सो गयी।

 

 

 

शाम को जब ७ बौने जो उस घर में रहते थे वे वापस आये तो एकदम से चौंक गए।  उन्हें खाने की खुशबु भी आ रही थी तो वे उसपर टूट पड़े।  लेकिन उनमे से एक होशियार बौना यह सोचने लगा कि जरुर कुछ गड़बड़ है।

 

 

 

 

उसने अन्य बौनों से इसका जिक्र किया, लेकिन किसी ने इसपर ध्यांन ही  नहीं दिया तो उसने भी भोजन किया और सभी सोने के लिए बेडरूम में पहुंचे, लेकिन यहाँ पहुंचते ही उनके आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।

 

 

 

 

उनके बेडरूम में एक खुबसूरत युवती सो रही थी. उनकी हलचल पर स्नो व्हाइट की नींद टूट गयी।  इतने सारे बौनों को देखकर वह बेहद दर गयी और डरते हुए बोली मैं स्नो व्हाइटहूँ। अगर मुझसे कोई गलती हुई हो तो मुझे माफ़ करें।

 

 

 

नहीं कोई बात नहीं। हम समझ सकते हैं इसमें आपका कोई गलत इरादा नहीं था, नहीं तो आप भोजन क्यों बनाती और पूरे घर को साफ़ क्यों करतीं।

 

 

 

उन्होंने अपना नाम बताया और उसके बाद स्नो व्हाइट ने उन्हें पूरी कहानी बता दी।  उन्हें बड़ा दुःख हुआ।  उन्होंने कहा कि अगर आप चाहे तो यहाँ रह सकती हैं।  स्नो व्हाईट  बहुत खुश हुई और मान गयी।  अब वह उनके साथ रहकर उनके काम में मदद करने लगी।

 

 

 

स्नो वाइट की कहानी

 

 

 

सब कुछ मजे से गुजर रहा था।  तभी एक दिन रानी ने फिर से मिरर से वही सवाल दुहराया।  मिरर ने कहा रानी अभी भी स्नो व्हाईट  ही सबसे खुबसूरत है।

 

 

 

रानी को बड़ा आश्चर्य हुआ।  उसने फ़ौरन ही उस सिपाही को बुलवाया और उससे सब कुछ सच -सच बताने को कहा। डरकर उसने सब कुछ बता दिया।

 

 

 

रानी ने उसे कारावास की सजा दे दी और इस कार्य को खुद ही ठाना।  रानी ने स्नो व्हाइट का पता लगवा लिया। इधर जब भी बौने काम पर जाते वे  स्नो व्हाईट को हिदायत देकर जाते कि कुछ भी हो जाए कोई भी आये दरवाजा मत खोलना।  शाम को जब हम आयेंगे और एक कोड बताएँगे, तभी दरवाजा खोलना।

 

 

 

स्नो व्हाईट  खाना बना रही थी , तभी दरवाजे पर दस्तक हुई।  उसने पूछा कौन है , कोड बताओ।  तभी एक बूढी की आवाज सुनाई दी और वह बूढी बोली ” मैं बूढी हूँ।  मुझे प्यास लगी है।  थोड़ा पानी दो।  दरवाजा तो खोलो।  मैं भला तुम्हारा क्या  बिगाड़ पाउंगी। ”

 

 

 

स्नो व्हाइट ने दरवाजे के होल से देखा तो उसे एक बूढी महिला नजर आई।  तो उसने सोचा यह सच में प्यासी है तो उसने दरवाजा खोल दिया और उसे पानी लाकर दिया।

 

 

 

बूढी ने पानी पीया और उसे आशीर्वाद देते हुए बोली ” बेटी मेरे पास तुझे देने के लिए कुछ ख़ास नहीं है, लेकिन यह सेब है।  यह मेरे बाग़ का सेब है. यह बहुत ही मीठा होता है।  इसे ले लो “

 

 

 

स्नो व्हाईट  ने उसे ले लिया और बूढी के कहने पर थोड़ा सा खाया और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।  वह बूढी और कोई नहीं बल्कि रानी ही थी और उसने सेब में खतरनाक जहर मिला दिया था।

 

 

 

शाम को जब बौने वापस आये तो उन्हें दरवाजा खुला मिला तो उन्हें कुछ अनहोनी की आशंका हुई।  वे जब अन्दर गए तो उन्हें  स्नो व्हाइट गिरी मिली और उसके थोड़ी दूर में सेब था।  बौने सब समझ गए थे।

 

 

बैनो ने स्नो व्हाइट को एक बड़े से शीशे के बक्से में सजावट के साथ जंगल में उस जगह पर रखा, जहां उसके दोस्त पशु पक्षी आते थे।  उसी दिन वह राजकुमार अपने सैनिकों के साथ वहाँ से गुजर रहा था जिसने स्नो व्हाइट की छाया को तालाव में देखा था।

 

 

 

उसने तुरंत ही स्नो व्हाइट को पहचान लिया।  जब वह वहाँ पहुंचा तो उसे सारी बात पता चली।  उसने तुरंत ही वैद्य जी को बुलवाया।  उन्होंने स्नो व्हाइट को ठीक कर दिया।

 

 

 

तब तक राजा भी राज्य में पहुँच गए थे और सारा खेल पता चल गया।  उन्होंने सिपाही को आज़ाद करवाया और रानी को  जेल में डलवा दिया और सिपाही के साथ जंगल में आ पहुंचे।

 

 

 

वहां उसे  स्नो व्हाईट मिल गयी और साथ ही राजकुमार और सात बौने भी थे।  उसके बाद राजकुमार और  स्नो व्हाईट की शादी हो गयी और उसके बाद राजकुमार और स्नो व्हाइट और सातों बौने साथ साथ रहने लगे।

 

 

 

 

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