love story

तेरा इश्क a love story

तेरा इश्क अ लव स्टोरी 

तेरा इश्क a love story  यह कहानी उन दिनों की है जब मैं ८वीं में पढ़ता था. मेरा गाँव अर्धशहरी क्षेत्र में है. मतलब वहा शहर का विकास है तो गाँव की खुशबू भी है. अच्छी इमारते हैं तो आम के बाग़ और फूलों की क्यारियाँ और गांव की अल्हड मस्ती भी है. मैं बहुत ही धार्मिक किस्म का था. मेरी आदत थी कि हर गुरुवार को मैं मंदिर अवश्य ही जाता था. वैसे तो मैं घर के पास वाले भगवान नीलकंठ के मंदिर तो रोज ही जाता था, लेकिन गुरुवार के दिन शहर की बीचोबीच स्थित कान्हा के मंदिर जाना मैं कभी नहीं भूलता था.

तेरा इश्क a love story

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तेरा इश्क अ लव स्टोरी

एक दिन मैं साइकल से मंदिर गया और जब मैं वापस आया तो देखा कि एक लड़की जो की लगभग मेरी हमउम्र की थी वह उस साइकल पर बैठी हुई थी. मैंने उससे कहा कि साइकल पर से उतारो मुझे जाना है….तो उसने पलट कर कहा की जाना है तो जाओ…मैं क्या करूँ…उसकी इस बात से मुझे बहुत गुस्सा आया और मैंने उसे साइकल से धकेल दिया…..और तुरंत ही वहाँ से  चलता बना…मैंने यह भी नहीं देखा कि उसे चोट लगी है.

अगले दिन जब मैं मंदिर जा रहा था तो देखा कि वह भी अपने किसी रिश्तेदार के साथ मंदिर की तरफ जा रही थी….उसके पैर में थोड़ी चोट लग गयी थी…..वह लंगडाकर चल रही थी…यह देखकर मुझे बहुत ही बुरा लगा…..मैंने सोच लिया कि मंदिर से लौटते समय मैं उसे अवश्य ही सॉरी बोल दूंगा…..जब मैं मंदिर से वापस लौटा तो वह वहीँ शांत भाव से कड़ी थी…..मैं उसकी पास गया और उसे सॉरी बोला…..उसने  सर निचे झुका लिया और कुछ नहीं बोली….मुझे लगा कि यह ज्यादा ही नाराज है…फिर मैं वहा से चला और जैसे साइकल पर बैठने गया तो देखा कि किसी इसकी हवा ही निकाल दी है….तभी वह लड़की मेरे पास आई और बोली सॉरी….पहले तो मैं उसके तरफ आश्चर्य से देखा और फिर जोर से हँसने लगा और यह देखकर वह भी जोर से हँसाने लगी और मैं उसका चेहरा देखता रह गया.

फिर हम दोनों रोज मिलने लगे….खूब सारी बातें होती थी….पढ़ाई की भी बातें होती थी….मुझे उससे प्यार हो गया…..मैं मौक़ा ढूंढ रहा कि कब मैं उससे अपनी दिल की बात कहूँ….लेकिन इसी बीच वह मंदिर आना बंद कर दी…जब मैंने उसके बारे में पता किया तो पता चला कि उसके पापा का तबादला दुसरे शहर में हो गया है…और वे लोग चले गये…मैं बहुत दुखी हुआ…एक दिन उसकी एक दोस्त ने एक चिट्ठी मुझी दी जो कि उसके द्वारा मुझे लिखी गयी थी…..उसने कहा कि वह भी मुझे प्यार करने लगी थी…लेकिन शायद कुदरत को यह मंजूर नहीं था…..तेरा इश्क मुझे हमेशा ही याद रहेगा……मैंने हलकी सी सांस ली और कहा की सच तेरा इश्क मुझे ताउम्र याद रहेगा.

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