हास्य कहानिया

कल आज और कल

भरोसा hindi kahaniya
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कल आज और कल एक बार बादशाह अकबर ने एलान किया की जो कोई भी मेरे सवाल का सही उत्तर देगा उसे बढ़िया इनाम दिया जाएगा.

कल आज और कल
कल आज और कल

उन्होंने सवाल किया कि ऐसा क्या है जो आज भी है और कल भी रहेगा ? ऐसा क्या है जो आज भी नहीं है और कल भी नही होगा ?ऐसा क्या है जो आज तो नहीं है लेकिन कल होगा ? और इन सवालों के साथ ही उसके उदहारण भी देने थे.

किसी को भी इस सवाल का जवाब नहीं समझ आ रहा था. तब birbal ने कहा बादशाह सलामत मैं इसका जवाब तो दे सकता हूँ, लेकिन इसके उदाहरण के लिए आपको मेरे साथ शहर का दौरा करना होगा. इस पर अकबर ने हाँ कर दी और फिर दोनों ने वेश बदला और सूफियों का बाना पहनकर बाहर निकले. कुछ ही देर बाद वे बाज़ार में पहुंचे और एक दूकान में गए और वहाँ दुकानदार से कहा कि हमें मदरसा बनाने के लिए कुछ पैसो की आवश्यकता हैं . कृपया हमें एक हजार रुपये दे सकते हैं.

ठीक है और उन्होंने अपने मुनीम से कहा कि इन्हें हजार रुपये दे दो. तभी birbal ने कहा जब मैं आपसे रुपये ले रहा होउंगा तो तुम्हारे सिर पर जुता मारूंगा. क्या आप तैयार हैं ?

यह सुनते ही मुनीम का पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया . वह भड़क गया, लेकिन दुकानदार ने उसे शांत कराया और ठीक है. मैं इसके लिए तैयार हूँ, लेकिन मुझे आपको यह भरोसा दिलाना होगा कि यह पैसा नेकी के काम में धर्म के काम में लिया जाएगा. birbal akbar के साथ दूकान से बाहर आ गए .

तभी akbar ने कहा birbal यह क्या था ? तब birbal ने कहा दूकान में जो कुछ हुआ उसका मतलब यह था कि दुकानदार के पैसा आज है और उस पैसे को नेक कामों के लगाने की नियत भी है , जो उसे आने वाले भविष्य में नाम देगी और उसे जन्नत नसीब होगी.इसे आप ऐसे भी कह सकते हैं कि उस दुकानदार के पास आज भी है और कल भी.

फिर दोनों लोग आगे बढे. चलते चलते वे कुछ दूर आगे बढे और एक भिखारी के पास पहुंचे. उन्होंने देखा कि एक आदमी उसे कुछ खाने को दे रहा था, लेकिन वह खाना उस भिखारी की जरुरत से अधिक था. कुछ देर के बाद जब वह आदमी वापस चल गया तो birbal उस भिखारी के पास पहुंचे और बोले कि हम भूखे हैं , कुछ हमें भी खाने को दे दो.

यह सोचते ही भिखारी उन पर बिफर पडा ” भागो यहाँ से . जाने कहाँ से आ जाते हैं. “

तब birbal ने बादशाह से कहा ” बादशाह यह आपके दुसरे सवाल का जवाब है. यह भिखारी ईश्वर को खुश करना नहीं जानता . इसका मतलब यह है इसके पास आज भी ईश्वर की कृपा नहीं है और तभी यह भिखारी है और ना ही कल होगी.

दोनों लोग फिर आगे बढ़े. उन्होंने देखा कि एक साधू एक पेड़ के नीचे तप कर रहे थे. birbal उनके पास गए और उनके सामने कुछ पैसे रखे. यह देखते ही साधू बोले ” इसे हटाओ यहाँ से . मेरे लिए यह बेईमानी से पाया पैसा है. ऐसा पैसा मुझे नहीं चाहिए. “

अब birbal बोले ” महाराज ! यह आपके तीसरे प्रश्न का उत्तर है. जो कि यह था. कि ऐसा क्या है जो आज तो है लेकिन कल नहीं होगा . अर्थात आज तो इनके पास कुछ नहीं है , लेकिन कल इनके पास सबकुछ होगा.

akbar को बात समझ में आ गयी. उन्हें जवाब मिल गया. उन्होंने birbal को ढेर सारा इनाम दिया. मित्रों यह akbar birbal stories कल आज और कल आपको कैसी लगी अवश्य ही बताएं और अन्य hindi stories के लिए इस लिंक https://www.hindibeststory.com/kahaniya/ पर क्लिक करें.

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