You cannot copy content of this page
Biography

bhagat singh ki mrityu kab hui thi

bhagat singh ki mrityu kab hui thi
bhagat singh ki mrityu kab hui thi
Written by Hindibeststory

bhagat singh ki mrityu kab hui thi भगत सिंह की मृत्य २३ मार्च १९३१ को लाहौर सेन्ट्रल जेल में हुई थी. जहां उन्हें सुखदेव और राजगुरु के साथ फांसी दे दी गयी, लेकिन आज भी वे हर भारतीय के दिलों में ज़िंदा हैं . भगत सिंह ने अपने अति संक्षिप्त जीवन में वैचारिक क्रांति की जो मशाल जलाई, उनके बाद अब किसी के लिए संभव न होगी.

आदमी को मारा जा सकता लेकिन उसके विचारों को नहीं मारा जा सकता . बड़े से बड़े साम्राज्य का पतन हो जाता है लेकिन विचार हमेशा जीवित रहते हैं. बहरे हो चुके लोगों को सुनाने के लिए ऊंची आवाज जरूरी है. बम फेंकने के बाद भगतसिंह द्वारा फेंके गए पर्चों में यह लिखा था. भगत सिंह चाहते थे कि इसमें कोई खून-खराबा न हो तथा अंग्रेजों तक उनकी आवाज पहुंचे. निर्धारित योजना के अनुसार भगत सिंह तथा बटुकेश्वर दत्त ने ८ अप्रैल १९२९ को केंद्रीय असेम्बली में एक खाली स्थान पर बम फेंका था. इसके बाद उन्होंने स्वयं गिरफ्तारी देकर अपना संदेश दुनिया के सामने रखा. उनकी गिरफ्तारी के बाद उन पर एक ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जेपी साण्डर्स की हत्या में भी शामिल होने के कारण देशद्रोह और हत्या का मुकदमा चला.

यह मुकदमा भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में लाहौर षड्यंत्र के नाम से जाना जाता है। करीब २ साल जेल प्रवास के दौरान भी भगत सिंह क्रांतिकारी गतिविधियों से भी जुड़े रहे और लेखन व अध्ययन भी जारी रखा. फांसी पर जाने से पहले तक भी वे लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे. २३ मार्च १९३१ को शाम ७.२३ पर भगत सिंह, सुखदेव तथा राजगुरु को फांसी दे दी गई.

मित्रों आपको यह पोस्ट bhagat singh ki mrityu kab hui thi कैसी लगी कमेन्ट में जरुर बताएं और इस तरह की और भी पोस्ट के लिए ब्लॉग को लाइक , शेयर और सबस्क्राइब करें और दूसरी biography के लिए इस लिंक bhagat singh biography/ shaheed bhagat singh जलियांवाला बाग़ हत्याकांड पर क्लिक करें.

About the author

Hindibeststory

Leave a Comment