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Buddhiman Mantri hindi kahani

Buddhiman Mantri hindi kahani
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Buddhiman Mantri hindi kahani एक नगर में एक राजा रहता था. राजा बहुत ही दयालु था. उसे अपनी प्रजा से बहुत ही लगाव था. वह हमेशा अपनी प्रजा के लिए कुछ ना कुछ नयी और अच्छी योजना लाता था. एक बार उस राज्य में एक फ़क़ीर आये. उनके पास एक खास किस्म का सुरमा था. उसने जब राजा की ख्याति सुनी तो एक दिन राज दरबार में उपस्थित हुआ और राजा से बोला ” हे राजन !मेरे पास एक बहुत ही खास किस्म का सुरमा है. वह मै आपको देना चाहता हूँ. उसकी खासियत यह है कि अगर कोई नेत्रहीन भी इस सुरमे को लगा लेगा तो उसकी आँख की रोशनी वापस आ जायेगी. ” फ़क़ीर राजा को वह सुरमा देकर और उसकी खाशियत बताकर चला गया.

अब राजा बड़ी सोच में पड गया. उसने सोचा कि राज्य में नेत्रहीनो की संख्या बहुत अधिक है और इस सुरमें से केवल एक की ही आँख की रोशनी वापस आ सकती है. ऐसे में किसी ऐसे आदमी को यह सुरमा दिया जाये, जो कि इसके लायक हो. राजा सोच रहा था कि उसे अपने ईमानदार और बुद्धिमान वृद्ध मंत्री का ख्याल आया. जिसने आखों की रोशनी चली जाने के कारण राजकार्य से विदा ले ली थी.

Buddhiman Mantri hindi kahani
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लेकिन जब तक उसने कार्य किया पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया. उसकी कमी आज भी राजा को खलती थी. राजा ने उन वृद्ध मंत्री को राज दरबार में बुलवाया और सुरमा की डिब्बी देते हुए बोला ” यह सुरमा आप अपनी दोनों आखों में लगा लो.यह बहुत ही चमत्कारी सुरमा है. इससे आपकी आँखों की रोशनी वापस आ जायेगी. पर यह सुरमा इतना ही है.इसीलिए हमने आपको चुना है. “

मंत्री ने राजा को धन्यवाद कहा और अपनी एक आँख में सुरमा लगाया और कुछ समय पश्चात उसकी एक आँख की रोशनी वापस आ गयी. उसके बाद बाकी बचे सुरमे को उसने अपनी जीभ पर रख लिया. सब लोगो ने सोचा कि मंत्री पागल हो गया है और राजा ने भी कहा मंत्री जी यह आपने क्या किया ? इससे आपकी एक ही आँख की रोशनी रह जायेगी, लोग आपको काना कहेंगे.

मंत्री ने प्यार से राजा को समझाया ” राजन !आप चिंता ना करें, ना सिर्फ मेरी दूसरी आँख की रोशनी आएगी बल्कि राज्य के सभी नेत्रहीनो की रोशनी भी आएगी. मंत्री ने कहा राजन मैंने यह सुरमा चख लिया है और सही ढंग से समझ भी लिया है कि किससे और कैसे बना है . अब मैं सुरमा बनाकर राज्य के नेत्रहीनों का अंधापन दूर कर सकूँगा.

मंत्री की बात सुनकर राजा बहुत ही प्रसन्न हुए और मंत्री से कहा ” यह हमारा और इस राज्य के लोगों का सौभाग्य है कि हमें आपके जैसा मंत्री मिला, जो केवल अपना ना सोचकर सबका ख्याल रखता है”.

Note – अगर ऐसी ही सोच हमारे देश के नेताओं, मंत्रियों और प्रशासनिक लोगों की हो जाए तो हमारा देश बहुत आगे बढ़ सकता है. मित्रों मेरी यह hindi stories Buddhiman Mantri hindi kahani आपको कैसी लगी अवश्य ही बताएं और भी kahaniya पढ़ने के लिए ब्लॉग को सबस्क्राइब कर लें. अन्य hindi kahani के लिए इस लिंक https://www.hindibeststory.com/hindi-kahani/ पर क्लिक करें.

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