X

Cinderella ki Kahani in Hindi Written / सिंड्रेला की कहानी 2020

Cinderella ki kahani

 

Cinderella ki Kahani in Hindi Written सोनू मोनू और cinderella फ़ुटबाल खेल रहे थे. खेलते खेलते सोनू ने एक तेज किक लगा दी और फ़ुटबाल तेजी से लुढ़कते हुए पास की एक छोटी सी गुफा में चली गयी.

 

 

 

क्या सोनू मैं पहले ही कहा था कि आराम से खेलेंगे, अब फ़ुटबाल गुफा में चली गेई ना..मोनू चिढते हुए बोला।

 

 

 

अरी कोई बात नहीं, चलो हम गुफा से फ़ुटबाल ले आते हैं…cinderella मुस्कुराते हुए बोली।

 

 

 

तीनों गुफा के पास गए और थोड़े ही अन्दर पर फ़ुटबाल एक छोटे से पत्थर से टकराकर रुक गयी थी. ये रही फ़ुटबाल सोनू चहककर बोला और उसने दौड़कर फूटबल उठा ली।

 

 

 

अरे यह क्या है…तभी मोनू आश्चर्य से बोला।

 

 

 

हाँ यह तो किसी स्पेसशिप जैसा दिख रहा है….सोनू ने कहा।

 

 

 

कहीं यह टाइम मशीन तो नहीं है …. cinderella ने कहा।

 

 

चलो चलकर देखते हैं…..तीनो एक स्वर में बोले।

 

 

 

हां सोनू यह तो टाइम मशीन की तरह है….मोनू ख़ुशी से उसे निहारते हुए बोला।

 

 

 

यह क्या…क्या कर रहे हो मोनू…..cinderella cinderella कहा हो तुम. क्या किया मोनू तुमने…सोनू परेशान होकर बोला।

 

 

 

मैंने कुछ नहीं किया. मैं तो केवल इस मशीन का ५ अंक दबाया…मोनू ने सफाई दी।

 

 

 

अब क्या होगा …..cinderella कहा चली गयी …..सोनू घबराते हुए बोला।

 

 

 

एक मिनट मैं वापस इसी अंक को दबाता हूँ …क्योंकि पहले यह नीला था अभी यह लाल हो गया है….मोनू ने कहा।

 

 

 

ठीक है…..सोनू शांत मन से बोला।

 

 

 

यह क्या ५ अंक दबाते ही cinderella वापस आ गयी।

 

 

 

कहा चली गयी थी तुम cinderella ..दोनों ने एक साथ पूछा।

 

 

 

सचमुच बहुत ही प्यारी जगह थी वह…यह सचमुच टाइम मशीन है…cinderella ख़ुशी से चहकते हुए बोली।

 

 

Cinderella ki Kahani Writting सिंडरेला की कहानी

 

 

क्या सचमुच में..अरी वाह तो चलो हम सभी वहा चलते हैं…..मोनू ख़ुशी से कूदते हुए बोला।

 

 

हम वहा खूब मस्ती करेंगे…..सोनू ने भी हाँ में हाँ मिलाई।

 

 

 

ठीक है , लेकिन हमें वहाँ से जल्दी वापस आना होगा …..क्योंकि वहाँ रात जल्द हो जाती है और रात को यह टाइम मशीन काम नहीं करती है….cinderella ने कहा।

 

 

 

हाँ ठीक है फिर चलते हैं…..और मोनू ने फिर से वही ५ अंक दबाया और सभी पहुँच गए उस खुबसूरत जगह पर।

 

 

वाव…..कितनी प्यारी जगह है….बहुत ही खुबसूरत…यहाँ लोग कितने खुबसूरत हैं…..सोनू ने कहा।

 

 

 

हाँ….कितने अच्छे फुल हैं…यह देखो कितना अच्छा रास्ता है…ऐसा लग रहा है हम स्वर्ग में आ गए हैं…..मोनू ने कहा।

 

 

 

हाँ बच्चों आप लोग स्वर्ग में ही तो हो…यह हमारी धरती ही है…बाद में मानव इसका दुरपयोग करके इसकी खूबसूरती छीन लेंगे….एक बाबा ने यह बात कही।

 

 

 

सोनू मोनू कुछ बोलते, इसके पहले ही cinderella ने कहा, यही वे बाबाजी हैं, जिनसे मैं पहले मिली थी. इन्होने ही बताया कि यहाँ रात जल्द होती है।

 

 

 

Cinderella ki kahani video hindi mai सिंडरेला स्टोरी 

 

 

 

 

 

बाबा अगर धरती इस समय इतनी खुबसूरत है तो फिर हमारे समय में सब कुछ बदल क्यों गया. क्यों मौसम एक समान नहीं रहता है ? क्यों बार बार भूकंप, सुनामी आ रहे है ? क्यों ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रही है ? सोनू ने आश्चर्य से पूछा।

 

 

 

बेटा, मानव ने प्रकृति का अत्यधिक दुरपयोग किया. प्रकृति ने मानव को सब कुछ दिया , लेकिन मानव की ख्वाहिस बढाती चली गयी और इसी नतीजा है आज हालत बदतर हो गए हैं और अगर अब भी नहीं संभले तो वह दिन दूर नहीं जब सब कुछ समाप्त हो जाएगा….बाबा ने चिंतित स्वर में कहा।

 

 

 

तो हमें इससे बचने के लिए क्या करना होगा…मोनू ने पूछा।

 

 

 

पेड़ लगाने होंगी , पृथ्वी के संसाधनों का सिमित प्रयोग करना होगा. तभी हम धरती को बचा सकते है…बाबा ने उत्तर दिया।

 

 

 

 

 

 

बाबा, हम ढेर सारा पेड़ लगायेंगे और पृथ्वी को बचायेंगे…तीनो ने एक साथ कहा।

 

 

 

बहुत अच्छे…अब आप लोग घूमों और समय से वापस चले जाना और यह कहकर बाबा चले गए और सोनू , मोनू और cinderella ने खूब मस्ती की।  तीनों ने खूब सारे दोस्त भी बना लिए और समय वापस लौट आये और प्रण लिया कि वे ढेर सारा पेड़ लगाएंगी और पृथ्वी को बचायेंगे.

 

 

 

5 Pariyon ki Kahani cinderella

 

 

 

मेरी मम्मी मुझे ढेर सारी परियों की कहानी सुनाती थीं और उसमें से सिंड्रेला की कहानी मेरी सबसे प्रिय थी।  आज मैं आप लोगों को Cinderella ki Kahani सुनाने जा रहा हूँ।

 

 

 

ड्रेला एक खूबसूरत लड़की थी। वह बचपन में जब गुड्डे – गुड्डी का खेल खेलती तो उसका भी मन करता कि एक खूबसूरत सा राजकुमार उसे घोड़ी पर बिठा कर ले जाए।  लेकिन बचपन में ही उसके माँ की मृत्यु हो गयी थी ।  माँ की मृत्यु के बाद सिंड्रेला के पिताजी ने दूसरी शादी की।

 

 

 

माँ की मृत्यु से सिंड्रेला उदास रहने लगी।  उसकी मुश्किल इतने पर भी ख़त्म नहीं हुई।  उसकी सौतेली की दो बेटियां पहले से ही थी।  सभी सिंड्रेला से बहुत नफ़रत करते थे।

 

 

 

सिंड्रेला की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी।  इस सभी मुसीबतों से वह किसी तरह से लड़ रही थी कि तब तक उसके पिताजी की मृत्यु हो गयी।

 

 

 

सिंड्रेला की सौतेली माँ और उसकी सौतेली बहने हमेशा सिंड्रेला से चिढ़ती थीं।  वे सिंड्रेला से घर का सब काम करवाते और खाने में केवल बचा हुआ खाना देते थे।

 

 

 

Cinderella Story in Hindi Full Movie

 

 

 

 

सिंड्रेला का वास्तविक नाम एला था।  लेकिन उसकी सौतेली माँ और बहने उससे बहुत काम कराती थीं।  बेचारी एला इतनी थक जाती कि अंगीठी के पास ही सो जाती और जब वह सुबह उठती तो अंगीठी ( सिंडर ) की राख उसपर पड़ी रहती थी।

 

 

 

इससे उसकी बहनें उसे सिंडर – एला कहककर चिढ़ाती थी।  जिससे उसका नाम सिंडरेला हो गया।  इधर राज्य के राजा का लड़का युवावस्था में पहुँच गया था।  उन्हें अपने लडके के विवाह की चिंता हो रही थी।  यह सब बातें उन्होंने अपने मंत्रियों को बताया।

 

 

 

मंत्रियों ने उन्हें राजमहल में एक ख़ास कार्यक्रम का आयोजन करने को कहा और उसमें राज्य के उन परिवारों जिनके घर में युवा लड़कियां थीं उनके परिवार को आमंत्रित करने का सुझाव दिया।

 

 

 

राजा को मंत्री का सुझाव बहुत पसंद आया।  उन्होंने पुरे राज्य में उत्सव की घोषणा कर दी।  सिंड्रेला भी इस उत्सव में जाने को उत्सुक थी, लेकिन उसकी सौतेली माँ उसे जाने नहीं दिया।

 

 

 

 

सिंड्रेला की बहनें और उसकी माँ ने खूबसूरत कपड़ा पहना और राजभवन को रवाना हो गयी।  इधर सिंड्रेला बहुत फूट – फूटकर रोने लगी।  तभी अचानक से वहाँ लालपरी प्रकट हुई।

 

 

 

उसे देखकर सिंड्रेला हैरान रह गयी।  तब लाल परी ने कहा, ” हैरान ना हो सिंड्रेला।  मुझे तुम्हारे बारे में सबकुछ पता है।  अब तुम्हारी हर परेशानी ख़त्म होने वाली है। तुम भी राजभवन को जाओगी। ”

 

 

 

 

” लेकिन कैसे ? मेरे पास कपडे भी नहीं हैं और अब तो पहुँचने का समय भी नजदीक आ गया है ” सिंड्रेला ने निराश होते हुए से कहा।

 

 

 

परी ने मुस्कुराते हुएए अपनी छड़ी घुमाई और सिंड्रेला के फटे – पुराने कपड़े बेहद ही आकर्षक पोशाक में बदल गयी और उसकी सैंडल चमकीले शीशे की जूती में बदल गयी और उन्होंने एक खूबसूरत जादुई बग्गी का भी बंदोबस्त कर दिया, जिसमें खूबसूरत घोड़े लगे हुए थे।

 

 

 

 

सिंड्रेला इससे बड़ी खुश हुई और उसने परी को धन्यवाद किया।  तब परी ने कहा, ” सिंड्रेला यह बात ध्यान रखना कि यह जादू रात १२ बजे तक ही काम करेगा।  तुम्हे इसके पहले ही वापस लौटना होगा।  ”

 

 

 

 

सिंड्रेला ने एक बार फिर से परी को धन्यवाद किया और राजमहल की तरफ चल दी।  उसकी बग्गी तेज रफ़्तार से भागी और समय से वह पहुँच गयी।

 

 

 

 

जब सिंड्रेला वहां पहुंची तो हर कोई बस उसकी खूबसूरती को निहारता रह गया।  सबकी निगाहें सिंड्रेला पर अटक गयीं।  वह पहचान में ही नहीं आ रही थी।  यहां तक की उसकी सौतेली माँ और बहनें भी उसे पहचान नहीं पायी।

 

 

 

 

राजकुमार ने जैसे ही सिंड्रेला को देखा उसका दीवाना हो गया।  वह पूरी पार्टी में सिर्फ सिंड्रेला के  साथ ही नृत्य  करता रहा।  सिंड्रेला बहुत प्रसन्न थी।  अचानक उसे परी की बात याद आ गयी।  उसनेसमय देखा बारह बजने ही वाले थे।

 

 

 

वह तेजी से वहाँ से निकली। उसके  पीछे राजकुमार भी तेजी से भागा। उसी जल्दबाज़ी में सिंड्रेला की  शीशे की  एक  जूती  उसके पैरों से निकल गयी ।  सिंड्रेला के पास उसे उठाने का समय नहीं था।  वह तेजी से भागी और वहा से अपने घर चली आयी।

 

 

 

 

राजकुमार ने वह जूती को रख लिया।  राजकुमार ने अपने पिताजी को सारी बात बताई और कहा, ” मैं उसी लड़की से शादी करूंगा जिसके पैर  में यह जूती आएगी।  ”

 

 

 

 

राजा ने पूरे राज्य में अपने मंत्री और सैनिकों को भिजवाया और आदेश दिया कि, ” जिस भी लड़की के पैर  में यह जूती आये उसे पुरे सम्मान से राजमहल में लाया जाए।  ”

 

 

 

राजा के मंत्री और सैनिक घर – घर में जाकर सभी युवा लड़कियों को वह जूती पहनाकर देखने लगे लेकिन वह किसी के पैर में नहीं बैठी। अंत में वह सिंड्रेला के घर आये।

 

 

 

वहाँ उसकी सौतेली बहनों उसे पहनने की पूरी कोशिश की लेकिन उसके पैर में वह नहीं आयी। इसी बीच सिंड्रेला उन मंत्रियों के लिए पानी लेकर आयी।

 

 

 

जब मुख्य मंत्री ने सिंड्रेला को भी जूती पहनने की कोशिश करनी चाही।  तब उसकी सौतेली माँ ने कहा, ” अरे यह तो नौकरानी है।  इसे क्यों पहना रहे हो ? ”

 

 

 

 

इस पर मंत्री ने उसे डांट दिया  और सिंड्रेला को जूती पहनाने को कहा।  सिंड्रेला को जूती पूरी तरह से हो गयी।  सभी लोग बेहद हैरान थे।  मंत्री ने उसे ससम्मान राजमहल  ले आये।

 

 

 

वहाँ उसकी राजकुमार  ने उससे विवाह का आग्रह किया।  सिंड्रेला भी राजकुमार से प्रेम करने लगी थी।  वह मान गयी और दोनों की शादी हो गयी।  दोनों ख़ुशी से रहने लगे।

 

 

मित्रों यह cinderella ki Kahani in hindi Written  आपको कैसी लगी अवश्य ही बताये और इस तरह की cinderella ki kahani in hindi Pdf के लिए इस ब्लॉग को सबस्क्राइब कर लें और भी अन्य hindi story के लिए नीचे की लिंक पर क्लिक करें।

 

 

1- Pari ki kahani परी की बेहतरीन कहानियां . बच्चो की खूबसूरत कहानी हिंदी में जरुर पढ़े

2- Pari ki kahaniyan अच्छी परी की कहानी हिंदी में : बच्चों की कहानियां

3- pari kahani

Categories: Pari ki kahani
Abhishek Pandey:

This website uses cookies.