Cinderella Story in Hindi Written / Cinderella Story in Hindi Pdf

Cinderella Story in Hindi Written in Short

 

 

Cinderella Story in Hindi Written Pdf – सिंड्रेला एक खूबसूरत और दयावान लड़की थी। बचपन में ही उसके माँ की मृत्यु हो गयी। माँ की मृत्यु के बाद सिंड्रेला के पिताजी ने दूसरी शादी की।

 

 

माँ की मृत्यु से सिंड्रेला उदास रहने लगी। उसकी मुश्किल इतने पर भी ख़त्म नहीं हुई। उसकी सौतेली की दो बेटियां पहले से ही थी। सभी सिंड्रेला से बहुत नफ़रत करते थे।

 

 

सिंड्रेला की मुश्किलें ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही थी। इस सभी मुसीबतों से वह किसी तरह से लड़ रही थी कि तब तक उसके पिताजी की मृत्यु हो गयी।

 

 

सिंड्रेला की सौतेली माँ और उसकी सौतेली बहने हमेशा सिंड्रेला से चिढ़ती थीं। वे सिंड्रेला से घर का सब काम करवाते और खाने में केवल बचा हुआ खाना देते थे।

 

 

 

cinderella story in hindi written in short

 

 

 

सिंड्रेला बहुत दुखी रहती और अपने कमरे में जाकर बहुत रोती थी। वहाँ कुछ चूहे थे जो उसे सांत्वना देते थे। उसके साथ खेलते और उसका मन बहलाते थे।

 

 

इधर राज्य के राजा का लड़का युवावस्था में पहुँच गया था। उन्हें अपने लडके के विवाह की चिंता हो रही थी। यह सब बातें उन्होंने अपने मंत्रियों को बताया।

 

 

मंत्रियों ने उन्हें राजमहल में एक ख़ास कार्यक्रम का आयोजन करने को कहा और उसमें राज्य के उन परिवारों जिनके घर में युवा लड़कियां थीं उनके परिवार को आमंत्रित करने का सुझाव दिया।

 

 

राजा को मंत्री का सुझाव बहुत पसंद आया। उन्होंने पुरे राज्य में युवा उत्सव की घोषणा कर दी। सिंड्रेला भी इस उत्सव में जाने को उत्सुक थी, लेकिन उसकी सौतेली माँ उसे जाने नहीं दिया।

 

 

सिंड्रेला की बहनें और उसकी माँ ने खूबसूरत कपड़ा पहना और राजभवन को रवाना हो गयी। इधर सिंड्रेला बहुत फूट – फूटकर रोने लगी। तभी अचानक से वहाँ एक परी प्रकट हुई।

 

 

सिंड्रेला की कहानी 

 

 

 

उसे देखकर सिंड्रेला हैरान रह गयी। तब परी ने कहा, ” हैरान ना हो सिंड्रेला। मुझे तुम्हारी माँ ने ही भेजा है। मुझे तुम्हारे बारे में सबकुछ पता है। अब तुम्हारी हर परेशानी ख़त्म होने वाली है। तुम भी राजभवन को जाओगी। ”

 

 

इसपर सिंड्रेला ने कहा, ” मेरे पास कोई अच्छे कपडे नहीं है। ना ही अच्छी सैंडल है और अब तो काफी देर भी हो चुकी है। ”

 

 

परी ने मुस्कुराते हुएए अपनी छड़ी घुमाई और सिंड्रेला के फटे – पुराने कपड़े बेहद ही आकर्षक पोशाक में बदल गयी और उसकी सैंडल चमकीले शीशे की जूती में बदल गयी और उन्होंने एक खूबसूरत जादुई बग्गी का भी बंदोबस्त कर दिया, जिसमें खूबसूरत घोड़े लगे हुए थे।

 

 

सिंड्रेला इससे बड़ी खुश हुई और उसने परी को धन्यवाद किया। तब परी ने कहा, ” सिंड्रेला यह बात ध्यान रखना कि यह जादू रात १२ बजे तक ही काम करेगा। तुम्हे इसके पहले ही वापस लौटना होगा। ”

 

 

सिंड्रेला ने एक बार फिर से परी को धन्यवाद किया और राजमहल की तरफ चल दी। उसकी बग्गी तेज रफ़्तार से भागी और समय से वह पहुँच गयी।

 

 

राजमहल बेहद ही खूबसूरत लग रहा था। वहाँ तरह – तरह के पकवान रखे गए थे। सभी लोग खूब मस्ती कर रहे थे। जब सिंड्रेला वहां पहुंची तो हर कोई बस उसकी खूबसूरती को निहारता रह गया। सबकी निगाहें सिंड्रेला पर अटक गयीं। वह पहचान में ही नहीं आ रही थी। यहां तक की उसकी सौतेली माँ और बहनें भी उसे पहचान नहीं पायी।

 

 

Hindi Language Cinderella Story in Hindi Written

 

 

राजकुमार ने जैसे ही सिंड्रेला को देखा उसका दीवाना हो गया। वह पूरी पार्टी में सिर्फ सिंड्रेला के साथ ही नृत्य करता रहा। सिंड्रेला बहुत प्रसन्न थी। अचानक उसे परी की बात याद आ गयी। उसनेसमय देखा बारह बजने ही वाले थे।

 

 

वह तेजी से वहाँ से निकली। उसके पीछे राजकुमार भी तेजी से भागा। उसी जल्दबाज़ी में सिंड्रेला की शीशे की एक जूती उसके पैरों से निकल गयी । सिंड्रेला के पास उसे उठाने का समय नहीं था। वह तेजी से भागी और वहा से अपने घर चली आयी।

 

 

Rapunzel Story in Hindi / राजकुमारी की कहानी इन हिंदी 2020

 

 

राजकुमार ने वह जूती को रख लिया। राजकुमार ने अपने पिताजी को सारी बात बताई और कहा, ” मैं उसी लड़की से शादी करूंगा जिसके पैर में यह जूती आएगी। ”

 

राजा ने पूरे राज्य में अपने मंत्री और सैनिकों को भिजवाया और आदेश दिया कि, ” जिस भी लड़की के पैर में यह जूती आये उसे पुरे सम्मान से राजमहल में लाया जाए। ”

 

 

राजा के मंत्री और सैनिक घर – घर में जाकर सभी युवा लड़कियों को वह जूती पहनाकर देखने लगे लेकिन वह किसी के पैर में नहीं बैठी। अंत में वह सिंड्रेला के घर आये।

 

 

वहाँ उसकी सौतेली बहनों उसे पहनने की पूरी कोशिश की लेकिन उसके पैर में वह नहीं आयी। इसी बीच सिंड्रेला उन मंत्रियों के लिए पानी लेकर आयी।

 

 

Cinderella Story in Hindi Download

 

 

 

जब मुख्य मंत्री ने सिंड्रेला को भी जूती पहनने की कोशिश करनी चाही। तब उसकी सौतेली माँ ने कहा, ” अरे यह तो नौकरानी है। इसे क्यों पहना रहे हो ? ”

 

इस पर मंत्री ने उसे डांट दिया और सिंड्रेला को जूती पहनाने को कहा। सिंड्रेला को जूती पूरी तरह से हो गयी। सभी लोग बेहद हैरान थे। मंत्री ने उसे ससम्मान राजमहल ले आये।वहाँ उसकी राजकुमार से शादी हो गयी। दोनों ख़ुशी से रहने लगे।

 

 

Cinderella Story in Hindi Written / डिजनी सिंड्रेला की कहानी / बच्चों की कहानियां

 

 

२- Cinderella ki Kahani Sunao – एक साधु था , वह रोज घाट के किनारे बैठ कर चिल्लाया करता था ,”जो चाहोगे सो पाओगे”, जो चाहोगे सो पाओगे.” बहुत से लोग वहाँ से गुजरते थे पर कोई भी उसकी बात पर ध्यान नहीँ देता था और सब उसे एक पागल आदमी समझते थे.

 

 

एक दिन एक युवक वहाँ से गुजरा और उसनेँ उस साधु की आवाज सुनी , “जो चाहोगे सो पाओगे”, जो चाहोगे सो पाओगे.” ,और आवाज सुनते ही उसके पास चला गया.

 

 

 

उसने साधु से पूछा -“महाराज आप बोल रहे थे कि ‘जो चाहोगे सो पाओगे’ तो क्या आप मुझको वो दे सकते हो जो मैं जो चाहता हूँ?”

 

 

 

साधु उसकी बात को सुनकर बोला – “हाँ बेटा तुम जो कुछ भी चाहता है मैँ उसे जरुर दूंगा, बस तुम्हे मेरी बात माननी होगी. लेकिन पहले ये तो बताओ कि तुम्हे आखिर चाहिये क्या?”

 

 

 

युवक बोला-” मेरी एक ही ख्वाहिश है मैं  हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनना चाहता हूं.  “ साधू बोला ,” कोई बात ननहीं मैं  तुम्हे एक हीरा और एक मोती देता हूँ, उससे तुम जितने भी हीरे मोती बनाना चाहोगे बना पाओगे .”

 

 

 

और ऐसा कहते हुए साधु ने अपना हाथ आदमी की हथेली पर रखते हुए कहा , ” पुत्र , मैं तुम्हे दुनिया का सबसे अनमोल हीरा दे रहा हूं, लोग इसे ‘समय’ कहते हैं, इसे तेजी से अपनी मुट्ठी में पकड़ लो और इसे कभी मत गंवाना, तुम इससे जितने चाहो उतने हीरे बना सकते हो “

 

 

युवक अभी कुछ सोच ही रहा था कि साधु उसका दूसरी हथेली , पकड़ते हुए बोला , ” पुत्र , इसे पकड़ो , यह दुनिया का सबसे कीमती मोती है , लोग इसे “धैर्य ” कहते हैं , जब कभी समय देने के बावजूद परिणाम ना मिलेंटो इस कीमती मोती को धारण कर लेना , याद रखन जिसके पास यह मोती है, वह दुनिया में कुछ भी प्राप्त कर सकता है. “

 

 

Cinderella ki Kahani Video Hindi Mai

 

 

युवक गम्भीरता से साधु की बातों पर विचार करता है और निश्चय करता है कि आज से वह कभी अपना समय बर्वाद नहीं करेगा और हमेशा धैर्य से काम लेगा . और ऐसा सोचकर वह हीरों के एक बहुत बड़े व्यापारी के यहाँ काम शुरू करता है और अपने मेहनत और ईमानदारी के बल पर एक दिन खुद भी हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनता है.

 

 

मित्रों , ‘समय’ और ‘धैर्य’ वह दो हीरे-मोती हैं जिनके बल पर हम बड़े से बड़ा लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं. अतः ज़रूरी है कि हम अपने कीमती समय को बर्वाद ना करें और अपनी मंज़िल तक पहुँचने के लिए धैर्य से काम लें.

 

 

मित्रों यह Cinderella Story in Hindi Written आपको कैसी लगी जरूर बताएं और Cinderella Story in Hindi Written की तरह की दूसरी कहानियों के लिए इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और दूसरी कहानियों के लिए नीचे की लिंक पर क्लिक करें।

 

1- Princess Story in Hindi / जादुई राजकुमारी की कहानी २०२० . Kahani in Hindi

2- Cinderella ki Kahani Cinderella ki Kahani

3- Story of Barbie in Hindi For Reading

4- Princess Story Book in Hindi

5- Cinderella Story in Hindi Pdf

6- Cinderella Story in Hindi Download

7- Cinderella ki Kahani Video Hindi Mai

 8-Hindi Kahaniyan

You may also like...

Leave a Reply