Deepawali Story in Hindi . दीपावली की सभी कहानियां हिंदी में

Short Story of Diwali Festival in Hindi दीपावली की कहानी

 

 

 

Deepawali Story in Hindi :- दिवाली  हिन्दू धर्म का प्रमुख त्योहार है. प्रकाश का यह पर्व कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है. दिवाली को दीपावली के नाम से भी जाना जाता है.

 

 

कहा जाता है दीपावली की रात मां लक्ष्मी भ्रमण के लिए निकलती हैं और अपने भक्तों को खुशियां बांटती हैं. दीपावली से जुडी कई सारी कहानियां प्रचलित हैं. आइये सभी कहानियों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

 

 

१- भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की कथा Deepawali ki Kahani

 

 

कहा जाता है जब भगवान श्रीराम लंकाविजय के बाद अयोध्या वापस लौटे तो पुरे अयोध्या में लोगों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया। तभी से यह त्यौहार मनाया जाता है. लोग दिया जलाकर, रंगोली बनाकर इस त्यौहार को मनाते हैं.

 

 

२- जब पांडवों का वनवास ख़त्म हुआ Deepawali katha in Hindi

 

 

Mahabharat Katha के अनुसार जब शकुनि मामा की कुटिल चाल से पांडव सब कुछ हार गए और उन्हें १३ वर्ष का वनवास मिला और इस वनवास से जब पांडव वापस लौटे तो उनके राज्य के लोगों ने दीपक जलाकर खुशियां मनाई। यह भी दीपावली मनाये जाने का मुख्य कारण है.

 

 

३- राजा विक्रमादित्य का राज्याभिषेक

 

 

राजा विक्रमादित्य एक महान और तेजस्वी राजा थे. उनके राज्य में प्रजा बहुत ही खुश रहती थी. वी एक न्यायप्रिय राजा थे. उनका राज्याभिषेक कार्तिक अमावस्या के दिन हुआ था और तब जनता इस दिन को दीप जलाकर उत्सव की तरह मनाती थी.

 

 

४- मां लक्ष्मी का अवतार

 

 

समुद्र मंथन से कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी प्रकट हुई थीं. इसीलिए इस दिन लोग दीपक जलाकर माता लक्ष्मी का स्वागत करते हैं और पूजा-पाठ कर उन्हें प्रसन्न करते हैं और माता लक्ष्मी अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करती  हैं.

 

 

५- ६वें सिख गुरु की आज़ादी

 

इसी दिन ६वें सिख गुरु श्री हरगोविंद सिंह जी ग्वालियर की जेल से मुक्त हुए. वे मुग़ल सम्राट जहाँगीर के कैद में थे. तभी से इस दिन को सिख धर्म को मानने वाले भी मानते हैं.

 

 

६- भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर का वध

 

इसी दिन भगवान् श्री कृष्ण ने नरकासुर नामक क्रूर राक्षस का वध किया था. नरकासुर प्रागज्योतिषपुर ( जो की अब नेपाल में है ) राज्य का राजा था।  उसने युद्ध में इंद्रदेव को परास्त कर देवमाता अदिति की कान की बालियों को निर्दयता से छीन लिया था।

 

 

इसके अतिरिक्त उसने देवताओं और ऋषियों की १६००० कन्याओं को छीनकर उन्हें बंदी बना लिया था।  स्त्रियों के प्रति उसके इस द्वेष के कारण सत्यभामा ने श्रीकृष्ण से कहा कि उन्हें नरकासुर के वध का अवसर दिया जाये।

 

 

 

हालांकि यह भी मान्यता है की नरकासुर को वरदान प्राप्त था की उसकी मृत्यु एक स्त्री से होगी और इसीलिए उसने देवताओं और ऋषियों की कन्याओं को बंदी बना लिया था।

 

 

 

सत्यभामा रथ पर बैठीं और श्रीकृष्ण सारथी बने।  इस युद्ध में सत्यभामा ने नरकासुर का वध किया और सभी कन्याओं  को छुड़ा लिया।  इस दिन को नरका चतुर्दशी कहते हैं।  इस दिन छोटी दीपावली मनाई जाती हैं।

 

 

 

इस दिन तेल के दिय्ये जलाये जाते हैं जो कि बुराई पर अच्छाई पर विजय का प्रतीक है।  लोग अपने घरों के मुख्य द्वार पर रंगोली बनाकर और पादुका का चित्रण कर माता लक्ष्मी का स्वागत करते हैं.

 

 

 

लोग एक दूसरे को मिठाईया बाटते हैं और खुशिययाँ मनाते हैं।  दीपावली पांच दिनों का त्यौहार है।  यह धनतेरस के दिन से शुरू होता है और इसके बाद छोटी दिवाली आती है और उसके अगले दिन मुख्य दिवाली होती है और उसके अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है और भाई दूज कके साथ ही इस त्यौहार का समापन होता है.

 

 

यह त्योहार भले ही पांच दिनों का है लेकिन इसकी तैयारी दशहरा से ही शुरू हो जाती है. लोग अपने घरों और अगल बगल के क्षेत्रों की साफ़ सफाई करते हैं. घरों का रंगरोदन किया जाता है. लोग परदेस से अपने गाँव आते हैं. इस तरह इस त्यौहार की तैयारी महीनों पहले ही शुरू हो जाती है.

 

 

 

दीपावली के दिन माता लक्ष्मी और गणेश की पूजा की जाती है।  दीपावली के दिन भगवान् श्रीगणेश की पूजा का कहीं उल्लेख नहीं है लेकिन प्रथमेश होने के कारण उनकी पूजा के बगैर सभी पूजा अधूरी है।

 

 

दीपावली के दिन दीपदान करना बहुत ही शुभ होता है।  नारदपुराण के अनुसार इस दिन मंदिर, घर, नदी, बगीचा, वृक्ष, गौशाला और बाज़ार में दीपदान करना शुभ होता है।

 

 

कहा जाता है जो दीपावली के दिन भक्ति भाव से माता लक्ष्मी की पूजा करता है उसे माता लक्ष्मी धन धान्य से परिपूर्ण कर देती हैं।  उसके घर कभी भी द्ररिद्रता नहीं आती है.

 

 

मित्रों यह Deepawali Story in Hindi आपको कैसी लगी जरूर बताएं और इस तरह की और भी कहानियों के लिए इस हिंदी ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और दूसरी हिंदी कहानी निचे पढ़ें।

 

 

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