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Biography

ms dhoni biography . mahendra singh dhoni

mahendra singh dhoni
mahendra singh dhoni
Written by Hindibeststory

mahendra singh dhoni महेंद्र सिंह धोनी आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. भारत का बच्चा – बच्चा उनको जानता है. लेकिन कितने कष्ट और मेहनत से उन्होंने इतनी ऊँचाइयों को हासिल किया है आज हम उसी के बारे मीन बतायेंगे ms dhoni biography में .

ms dhoni full name – महेंद्र सिंह धोनी

ms dhoni nick name – माही , धोनी

ms dhoni father – पान सिंह

ms dhoni mother name – देवकी देवी

ms dhoni date of birth – ७ जुलाई , १९८१

ms dhoni birthday – ७ जुलाई

ms dhoni wife – साक्षी धोनी

ms dhoni daughter – जीवा धोनी

ms dhoni age / mahendra singh dhoni age – ३८ साल

ms dhoni first ODI – २३ दिसंबर २००४ , बांग्लादेश के खिलाफ

ms dhoni first test match – २ दिसंबर २००४ श्रीलंका के खिलाफ

ms dhoni last test match – २६ दिसंबर , २०१४ , श्रीलंका के खिलाफ

dhoni first T-20 match – १ दिसंबर , २००६ , साउथ अफ्रीका के खिलाफ

ms dhoni height – ५.९ इंच

dhoni weight – 78 kilogram

ms dhoni birth place – रांची ,झारखंड , इंडिया

dhoni brother – नरेन्द्र सिंह धोनी

dhoni sister – जयंती गुप्ता

dhoni कोच – केशव् बनर्जी , चंचल भट्टाचार्य

महेंद्र सिंह धोनी का क्रिकेट करियर शुरुआत में उतना आसान नहीं था. उन्होंने इसे कड़ी म्हणत और लगन और क्रिकेट से सच्ची मोहब्बत से प्राप्त किया. आज वे भारत के दिग्गज क्रिक्रेटरों की लिस्ट में शामिल हो गए यहां तक की भारतीय क्रिक्रेट टीम में उन्होनें अपनी कप्तानी से कई लोगों का दिल जीत लिया और टीम को अच्छा गाइडेंस भी दिया. mahendra singh dhoni अपने स्कूल के समय से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. लेकिन उन्हें indian cricket team में शामिल होने में एक लंबा सफ़र तय करना पड़ा.

dhoni का जन्म ७ जुलाई १९८१ को रांची , झारखण्ड में हुआ था. उनके पिता पान सिंह मेकॉन के रिटायर्ड कर्मचारी है. मेकॉन स्टील मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है. धोनी की देवकी देवी एक गृहणी हैं. महेंद्र सिंह धोनी के एक बड़े भाई नरेंद्र सिंह धोनी और एक बड़ी बहन जयंती गुप्ता हैं. उनके भाई एक राजनेता है, जबकि उनकी बहन एक अंग्रेजी शिक्षक है. धोनी ने झारखंड के रांची में श्यामाली में स्थित डीएवी जवाहर विद्या मंदिर स्कूल से अपनी पढ़ाई की. माही एक एथलेटिक छात्र थे, लेकिन शुरुआत में बैडमिंटन और फुटबॉल के खेल में उनकी ज्यादा रूचि थी. वह अपनी स्कूली फुटबॉल टीम के अच्छे गोलकीपर भी थे. यह अच्छा मौका था जब उनके फुटबॉल कोच ने उन्हें स्थानीय क्लब की क्रिकेट टीम के विकेटकीपर के रूप में भेजा दिया . महेंद्र सिंह धोनी ने अपने बेहतरीन प्रदर्शन के साथ सबको आर्कषित किया और १९९५ से १९९८ के दौरान कमांडो क्रिकेट क्लब टीम में नियमित विकेटकीपर के रूप में स्थायी स्थान हासिल किया.

महेंद्र सिंह धोनी शुरुआत से ही बेहतरीन प्रदर्शन करते रहे और १९९७ – ९८ के दौरान उन्हें विनो मांकड ट्रॉफी अंडर – १६ चैम्पियनशिप टीम के लिए चुना गया . उन्होंने १० वीं क्लास के बाद ही क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरु कर दिया था. लेकिन क्रिकेट के लिए इस दिग्गज क्रिक्रेटर को अपनी पढ़ाई से समझौता करना पड़ा था इसलिए उन्होनें १२ वीं के बाद अपनी पढ़ाई छोड़ दी. पहले धोनी के बाल लम्बे हुआ करते थे जो अब उन्होंने कटवा दिए हैं . धोनी एडम गिलक्रिस्ट के प्रशंसक है . उन्हें अमिताभ बच्चन , लता मंगेशकर और sachin tendulkar biography भी पसंद हैं.

धोनी विकेटकीपर बल्लेबाज हैं. धोनी ने १८ साल की उम्र में १९९९ – २००० के दौरान बिहार के लिए रणजी ट्राफी से अपने करियर की शुरुआत की. वह अपनी पहली मैच में असम टीम के खिलाफ दूसरी पारी में ६८ रनों की लाजवाब पारी खेली थी. धोनी ने उस सीजन में ५ मैचों में २८३ रन बनाए . इसके बाद में धोनी ने २००० – २००१ के सीजन में बंगाल के खिलाफ अपना पहला प्रथम श्रेणी शतक लगाया. इसके बाद २००० – २००३ के सीज़न में धोनी ने चार रणजी मैच में पांच अर्धशतक बनाए और देवधर ट्रॉफी के अर्न्तगत दो अर्धशतक बनाए, तत्पश्चात उन्हें निचले क्रम के योगदान में अच्छी छवि बनने लगी.

२००३ – २००४ के सीज़न में असम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के पहला एक दिवसीय ट्रॉफी में धोनी ने नाबाद १२८ रन बनाए. वे ईस्ट ज़ोन के अर्न्तगत खेले और उस साल की देवधर ट्रॉफी में उन्होंने चार मैचों में कुल २४४ रन बनाए. दिलीप ट्रॉफी के फाइनल मैच में धोनी को क्रिकेटर दीप दास गुप्ता के जगह ईस्ट जोन का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया और उन्होंने उस मैच के दूसरी पारी में में एक आक्रामक अर्द्धशतक लगाया . २००३ – २००४ के सीज़न में उनके कड़े प्रयास के कारण धोनी को पहचान मिली, खास कर वनडे मैच में उन्हें जिम्बाब्वे व केन्या के लिए भारत ए टीम में चुने गए. हरारे स्पोर्ट्स क्लब में जिम्बाब्वे इलेवन के खिलाफ धोनी ने ७ कैच और ४ स्टमपिंग किये और अपने विकेट-कीपर होने का हुनर दिखाया. त्रिकोणीय टूर्नामेंट के अर्न्तगत केन्या, भारत ए और पाकिस्तान ए ने भाग लिया जिसमें धोनी ने पाकिस्तान के २२३ रनों का पीछा कर उस मैच में अर्धशतक बनाया और भारत को जीत प्राप्त करने में सहायता की. अपने प्रदर्शन को और मज़बूत करते हुए इन्होंने इसी टूर्नामेंट में १२० व ११९ रन बना कर दो शतक पूरे किए. धोनी ने कुल ७ मैचों में ३६२ रन बनाए जिसमें उनका औसत ७२.४० रहा और इस श्रृंखला में दूसरों के बीच उसके प्रदर्शन पर उस समय के कप्तान सौरव गांगुली का ध्यान गया. . उसके साथ ही भारत ‘ए’ टीम के कोच संदीप पाटील ने विकेट-कीपर और बल्लेबाज के रूप में भारतीय क्रिकेट टीम में जगह के लिए धोनी की सिफारिश की.

धोनी की एक दिवसीय कैरियर कई शुरुआत कुछ ख़ास नहीं रही और अपने पहले ही मैच में बिना खाता खोले रन आउट हो गए थे. लेकिन उन्होंने हौसला नहीं खोया. बांग्लादेश के खिलाफ उनका प्रदर्शन अच्छा न होने के बावजूद भी वे पाकिस्तान के खिलाफ वनडे टीम के लिए चुने गए थे. उस श्रृंखला के दुसरे मैच में जो कि धोनी का पाँचवा वनडे मैच था और वह मैच विशाखापत्तनम में खेला गया था में धोनी ने १२३ गेंदों पर शानदार १४८ रनों की पारी खेली थी.

२००७ के विश्वकप में भारतीय टीम राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में उतरी . इस टूर्नामेंट में धोनी ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, खासकर बांग्लादेश और श्रीलंका के खिलाफ. इससे जेएमएम के कार्यकर्ताओं ने धोनी के निर्माणाधीन घर पर हमला कर तोड़ – फोड़ की थी. २००७ में दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के खिलाफ दो सीरीज के लिए महेंद्र सिंह धोनी को वन डे मैच में वाइस कैप्टन बनाया गया. उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में भारतीय टीम का आईसीसी विश्व टी-२० ट्रॉफी में भी नेतृत्व किया और पाकिस्तानी टीम को हराकर ट्रॉफी जीती.

२० – २० में अपनी सफल कप्तानी के बाद, महेंद्र सिंह धोनी को सितंबर २००७ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वन जे सीरीज में भारतीय टीम के नेतृत्व करने की जिम्मेंदारी सौंपी गई. बाद में महेंद्र सिंह धोनी ने 2011 में विश्वकप जीतने के लिए भारत का नेतृत्व किया जिसके लिए उन्हें क्रिकेट के कई दिग्गजों समेत अपने टीममेट मास्टर ब्लास्टर और महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर से भी सराहना मिली.

ms dhoni test match career

२००५ में श्रीलंका के खिलाफ खेली गयी सीरिज के दौरान धोनी को भारतीय टेस्ट टीम में विकेटकीपर के रूप में शामिल किया गया था. उन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच में ३० रन बनाए, लेकिन बारिश की वजह से ये मैच बीच में ही बंद करना पड़ा था. २००६ की शुरुआत में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए महेंद्र सिंह धोनी ने अपना पहला टेस्ट शाताक्क मारा और भारत को फालो- ऑन से बचा लिया. उन्होंने अगले तीन मैचों में अपना शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें से एक मैच मिस्टर धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ और दो इंग्लैंड के खिलाफ मैच खेले.

धोनी ने साल २००८ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई सीरीज के दौरान वाइस कैप्टन के रूप में टीम में नेतृत्व किया इसके साथ ही इस सीरीज के चौथे मैच के दौरान कप्तान के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी को नियुक्त किया गया . महेंद्र सिंह धोनी ने २००९ में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई सीरीज में अपना शानदार प्रदर्शन करते हुए दो शतक लगाए और भारतीय टीम को जीत दिलवाई. वहीं उनकी शानदार कप्तानी के तहत भारतीय टीम दिसंबर २००९ में आईसीसी टेस्ट रैंकिग में नंबर १ टीम बन गई. २०१४ में क्रिकेट के अपने बेहतरीन करियर में आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ खेला था अपने इस टेस्ट मैच में उन्होनें ३५ रन बनाए थे. यह मैच ख़त्म होते ही धोनी ने टेस्ट मैच से सन्यास ले लिया. हालांकि उन्होनें अगले सालों में वन डे मैच खेलना जारी रखा , लेकिन जनवरी २०१७ में महेंद्र सिंह धोनी ने ओडीआई कप्तानी से भी संयास ले लिया.

ms dhoni T- 20 career

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी पहला टी-२० मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था . लेकिन उनके पहले टी-२० मैच में प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा आपको बता दें कि इस मैच में महेंद्र सिंह धोनी ने महज २ गेंदों का ही सामना किया था और जीरो पर ही आउट हो गए थे हालांकि टीम इंडिया ने इस मैच को जीत लिया था. महेंद्र सिंह धोनी ने टी = २० में कुल ८९ मैच खेले और इस दौरान २ अर्ध शतक के साथ १४४४ रन बनाए.

ms dhoni IPL Career

IPL के पहले सीजन में चेन्नई सुपर किंग्स टीम ने महेंद्र सिंह धोनी को १० करोड़ रुपए में खरीदा था और वे इस दौरान सबसे महंगे खिलाड़ी भी थे. आपको बता दें कि इनकी कप्तानी के तहत चेन्नई सुपर किंग्स ने इस लीग के दो सीजन जीते थे. आपको बता दें कि धोनी की चेन्नई सुपर किंग्स की टीम पर किन्हीं कारणों की वजह से करीब २ साल का बैन लग गया था जिसके बाद इन्हें IPL की दूसरी टीम राइजिंग पुणे सुपरजायंट ने करीब 12 करोड़ रुपए ऑफर किए थे. जिसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने इस टीम के लिए मैच खेला था. साल २०१८ में चेन्नई सुपर किंग्स पर लगा बैन खत्म हो गया था और इस सीजन में फिर चेन्नई सुपर किंग्स में धोनी को अपनी टीम में शामिल कर लिया जिसके बाद धोनी ने इस टीम का नेतृत्व किया.

mahendra singh dhoni Records

ms dhoni ने टेस्ट मैच में विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर ४००० रन बनाये , जो की रिकार्ड है. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी के दौरान कुल 27 टेस्ट मैच हुए थे , जिसमें धोनी के नाम सबसे सफल भारतीय टेस्ट कप्तान होने का रिकॉर्ड दर्ज है. महेंद्र सिंह धोनी ने २००७ में टी – २० वर्ल्ड कप जीता. साल २०११ में ODI वर्ल्ड कप जीत कर रेकार्ड बनाया. साल २०१३ में धोनी के कप्तानी में ही भारतीय टीम ने चैम्पियंस ट्राफी भी जीती. महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी के दौरान कुल ३३१ इंटरनेशनल मैच खेले हैं साथ ही ये पहले ऐसे कप्तान हैं जिन्होनें अपने करियर में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच खेले हैं. इसके साथ ही इंटरनेशनल मैचों में महेंद्र सिंह धोनी ने २०४ छक्के मारने का भी रिकॉर्ड बनाया है और वे सबसे ज्यादा छक्के मारने वाले क्रिकेटर के तौर पर भी मशहूर हैं .

ms dhoni – priyanka jha love story

महेंद्र सिंह धोनी की बायोपिक में खुलासा किया गया है कि धोनी की एक प्रियंका झा नाम की लड़की गलफ्रेंड थी . उसके साथ धोनी का रिश्ता काफी अच्छा था . लेकिन ये रिश्ता बहुत दिनों तक नहीं चल सका क्योंकि साल २००२ के दौरान प्रियंका झा एक कार दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गईं और फिर उनकी मौत हो गई . जिसके बाद धोनी का ये प्यार मुकम्मल नहीं हो सका और धोनी उनकी मौत के खबर से बेहद हताश हुए. इस दुर्घटना के बारे में धोनी को जब पता लगा तब वे इंडिया ए टीम के साथ यात्रा कर रहे थे. इस घटना का धोनी के करियर पर भी असर पड़ा और उन्हें इससे उबरने में करीब १ साल लग गए.

ms dhoni marrige ms dhoni biography . mahendra singh dhoni

२००८ में महेंद्र सिंह धोनी अपनी टीम के साथ एक होटल में रूके हुए थे. वहाँ उनकी मुलाक़ात साक्षी से हुई. दरअसल साक्षी रावत तब उसी होटल में इंटर्न के तौर पर काम कर रही थीं. तभी से दोनों ने एक -दूसरे से डेटिंग शुरु की. संयोग से, दोनों अपने बचपन से ही एक दूसरे को जानते थे क्योंकि उनके पिता मेकॉन में सहयोगी थे और वे दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे. धोनी और साक्षी दोनों ने एक-दूसरे के साथ करीब २ साल तक डेटिंग की इसके बाद उन्होनें शादी करने का फैसला किया और ४ जुलाई, २०१० को धोनी और साक्षी दोनों शादी के बंधन में बंध गए. इनकी बच्ची जीवा है. धोनी को मंहगी और तेज रफ़्तार की गाड़ियों का बहुत शौक है. उनके कलेक्शन में मंहगी और तेज रफ़्तार की गाडिया शामिल है.

ms dhoni Awards

महेंद्र सिंह धोनी को वन डे मैच में अपने शानदार प्रदर्शन के लिए ६ मैन ऑफ द सीरीज पुरस्कार और २० मैन ऑफ द मैच पुरस्कार मिले हैं. उन्हें अपने पूरे टेस्ट करियर में २ मैन ऑफ द मैच पुरस्कार भी मिले हैं. साल २००७ में धोनी को राजिव गांधी खेल रत्न अवार्ड से सम्मानित किया गया. यह खेल की दुनिया का सर्वश्रेष्ठ भारतीय पुरस्कार है. साल २००८ और २००९ में महेंद्र सिंह धोनी को ICC, ODI प्लेयर ऑफ द ईयर का नाम दिया गया .साल २०११ में महेंद्र सिंह धोनी को डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी की तरफ से मानद डॉक्टरेट की डिग्री भी दी गई . धोनी को साल २००९ में भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से भी नवाजा गया था.

इसके साथ ही धोनी को २ अप्रैल, २०१८ को देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण से भी सम्मानित किया गया था. महेंद्र सिंह धोनी महान क्रिकेटर कपिल देव के बाद दूसरे खिलाड़ी हैं जिन्हें इंडियन आर्मी का भी सम्मान पद मिला है. साल २०११ में दुनिया के १०० सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की लिस्ट में धोनी का नाम लिखा गया था. महेन्द्र सिंह धोनी साल २०१२ में दुनिया के सबसे कीमती खिलाड़ियों में १६वें नंबर पर हैं. जून, २०१५ में फोर्ब्स ने धोनी को सबसे ज्यादा महंगे खिलाड़ियों की लिस्ट में २३ वें नंबर पर रखा और इस लिस्ट के अनुसार उनकी कमाई ३१ मिलियन अमेरिकी डॉलर रही. मित्रों आपको यह जानकारी ms dhoni biography . mahendra singh dhoni कैसी लगी जरुर बताये और ms dhoni biography . mahendra singh dhoni की तरह की जानकारी के लिए ब्लॉग को लाइक , शेयर और सबस्क्राइब करें और दूसरी जानकारी के लिए नीचे की लिंक पर क्लिक करें.

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