image

gilhari image

gilhari image
gilhari image

gilhari image यह पोस्ट ख़ास तौर से गिलहरी इमेज के लिए बनायीं गयी है, लेकिन मनोरंजन के लिए इसमें एक hindi kahani जोड़ी जा रही है.

एक दिन नारद जी वन से गुजर रहे थे.. उन्होंने देखा कि एक मनुष्य ध्यान में इतना मग्न था कि उसके चारो तरफ दीमक का ढेर लग गया था. नारद जी वहाँ उपस्थित हुए , तब उस मानव ने नारद जी को प्रणाम किया और पूछा ” मुनिवर!आप कहाँ जा रहे हैं ?

gilhari image

gilhari

gilhari image

gilhari

gilhari image

gilhari

वत्स मैं वैकुण्ठ जा रहा हूँ ..नारद जी ने कहा

ठीक कर है मुनिश्रेष्ठ…आप मेरी एक विनती स्वीकार कर लीजिये…आप वैकुण्ठ पहुँच कर यह पूछ कर आयें कि मुझे मुक्ति कब मिलेगी..उस मानव ने कहा

नारद जी ने उसे स्वीकृति दे दी…वे कुछ देर आगे चले तो एक दुसरे व्यक्ति को ध्यानमग्न देखा. जिज्ञासावश वे वहाँ पहुंचे तो उसने भी भी वही अभिलाषा जाहिर की कि भगवान् से पूछिये कि मुझे मुक्ति कब मिलेगी. नारद जी ने उसे भी हाँ कह दिया.

gilhari image

gilhari

gilhari image

gilhari

gilhari image

gilhari

लौटते समय दूसरा वाला मानव पहले मार्ग में आया तो उसने पूछा कि भगवान् ने मेरे बारे में क्या कहा..तब नारद जी ने कहा कि मुझे पाने के लिए उसे चार जन्म और लेने होंगे. इतना सुनते ही वह विलाप करते हुए बोला कि भगवन कितने निष्ठुर हैं. उन्हें तो भक्तों की कोई फिक्र ही नहीं है. जब नारद जी दीमक वाले मानव के पास पहुंचे तो उसने भी यही बात दुहराई. इस पर नारद जी ने कहा भगवान् ने कहा कि तुम्हारे सामने इस इमली के पेड़ में जितने पत्ते हैं मुक्ति के लिए उसे उतने ही जन्म लेने होंगे. यह सुनते ही वह ख़ुशी से नृत्य करने लगा और कहा भगवान् कितने दयालु हैं. उन्हें अपने भक्तों की कितनी फिक्र होती है. मुझे कोई दिक्कत नहीं है. तभी आकाशवाणी होती है और उसमें से आवाज आती है ” वत्स ! यह तुम्हारी परीक्षा थी. तुम्हे अभी मुक्ति मिलती है “.

gilhari image

gilhari

gilhari image

gilhari

gilhari image

gilhari

मित्रों आपको मेरी यह hindi kahani aur image gilhari image कैसी लगी जरुर बताएं और इस तरह की अन्य hindi kahani के लिए ब्लॉग को सबस्क्राइब कर लें और दूसरी hindi kahani के लिए इस लिंक भरोसा hindi kahaniya पर क्लिक करें.

About the author

Hindibeststory

Leave a Comment