hindi suspense story

hindi detective story लम्बे चलने वाले क़त्ल

hindi detective story
Written by Abhishek Pandey

hindi detective story  सितम्बर १९६१ में २५  साल की लूसी जॉनसन , एक बच्चे की माँ , अपने ब्रिटिश कोलंबिया , सूरी के घर पर थी  .  उसे अगले दिन नहीं देखा गया , या उससे अगले या अगले ५२ सालों तक .

 

 

 

अलग अलग कारणों की वजह से ४ साल बाद तक भी लूसी को गुमशुदा नहीं माना गया  .  ज़ाहिर है इससे कुछ सवाल उठे और शक की सुई उसके पति मर्विन पर आकर रुकी .

 

 

 

पुलिस ने उसके घर के पीछे के आंगन को  शव के मिलने की उम्मीद में खोद डाला पर कुछ नहीं मिला .  दशक बीत गए मर्विन मर गया और केस के सुलझने की कोई उम्मीद न रही .

 

 

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एक इंसान जिसने उम्मीद नहीं छोड़ी वो थी लूसी की बेटी लिंडा जो अपनी माँ के गायब होने के समय पर काफी छोटी थी .  सुराग की उम्मीद में सूरी की पुलिस की मदद से लिंडा ने अख़बारों और अन्य मीडिया स्थानों में एड दिए .

 

 

फिर २०१३ में उसके पास एक फ़ोन आया जो उसकी सौतेली बहन का था और जिसके वजूद के बारे में लिंडा को कोई जानकारी नहीं थी .  उस औरत ने बताया की उसकी माँ लूसी जिंदा है और युकोन में एक नए परिवार के साथ रहती है .

 

 

 

ये दावा कितना अविश्वसनीय था ये जानने के लिए लिंडा ने इस सुराग को खंगाला . उसे पता चला की उसकी माँ के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई थी .  वह खुद एक अलग ज़िन्दगी की ओर चली गयी थी .

 

 

 

लूसी के मुताबिक मर्विन उसके साथ ज्यादती करता था और जब वह अपनी बेटी के साथ वहां से जाने लगी तो उसने उन्हें रोक दिया .  इसीलिए वह अकेले ही निकल गयी .

 

 

                                                            कहानी -२           hindi detective story

 

 

 

 

२७ नवम्बर १९८५ को १२  साल की मार्था जीन लैबर्ट अपने संत ऍगस्टीन , फ्लोरिडा के घर के पास से गायब हो गयी  . ७ कक्षा में पढने वाली मार्था फिर दुबारा नहीं देखी गयी  .  बिना किसी शव , सबूत , और संदिग्धों के सेंट जॉन्स काउंटी शेरिफ विभाग के लोग इस गुमशुदगी को लेकर परेशानी में आ गए .

 

 

 

अगले २५  साल तक ये केस एक रहस्य बना रहा , और अंत में डिटेक्टिव सीन एम् टिके और होवार्ड स्किप कोल ने इसको एक और बार जांचने का फैसला किया .

 

 

 

मार्था के पुराने निवास स्थान को जांचने और दोस्तों और रिश्तेदारों से बात करने के बाद डिटेक्टिव ने गायब लड़की के भाई , जो मार्था से दो साल बड़ा था , उस पर अपनी नज़र डाली .

 

 

 

 

डिटेक्टिव टिके ने बड़ी चालाकी से डेविड लैबर्ट (जो अब ३० साल का था ) से लड़की की तस्वीर सामने रख पूछताछ करनी शुरू की .  २० घंटे की पूछताछ के बाद जो सच सामने आया वह बेहद भयानक था .

 

 

 

१९८५ की उस रात मार्था और उसका भाई फ्लोरिडा मेमोरियल कॉलेज के मलबे में खेलने गए , जैसा वो अक्सर किया करते थे .  डेविड ने मार्था को दुकान जाने के लिए पैसे दिए और जब उसने और पैसे मांगने पर मना किया तो मार्था ने उसको घूँसा मारा .

 

 

गुस्से में डेविड ने अपनी बहन को धक्का दिया जिससे वह पीछे को एक बाहर को निकली कील पर गिर गयी और वह कील उसके सर के आर पार हो गयी .

 

 

 

घबरा कर उसने शव को वहीं दफना दिया और दो दशकों से इस राज़ को अपने अंदर दबा दिया .   अपनी हदों के चलते और अन्य कारकों की वजह से भी पुलिस ने डेविड लैबर्ट को गिरफ्तार नहीं किया .  उस क्षेत्र में हो रहे निर्माण के चलते मार्था के अवशेष कभी मिले नहीं …इस तरह वह बाख गया .

 

 

 

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