hindi new story

Hindi Kahani . सियार की चालाकी . जानिये हिन्दू धर्म के अश्त्र और शास्त्र के बारे में

Hindi Kahaniya New
Written by Abhishek Pandey

Hindi Kahani New     नयी मजेदार कहानियां

 

 

Hindi Kahani एक जंगल में एक शेर रहता था…. उम्र बढ़ जाने की वजह से उसे कही आने जाने में परेशानी हाेती थी…जिससे वह शिकार नहीं कर पाता था… छाेटे छाेटे जानवर भी उसके आगे से गुज़र जाते लेकिन वह कुछ नहीं कर पाता.

 

 

वह भूक से व्याकुल हाेने लगा… तभी उसे एक उपाय सूझा… उसने पूरे जंगल में घाेषणा करवा दी कि इतने दिनाे तक वह तप कर रहा था… इसीलिए उसने किसी जानवर काे नहीं मारा… वह भी तब जब जानवर उसके सामने से गुजर गये…. लेकिन अब उसका तप पुर्ण हाे गया है… उसके पास जादुई शक्तियां आ गयी हैं .

 

 

 

साे जंगल से एक जानवर राेज उसकी गुफा में आ जाये…. अन्यथा वह सभी जानवरों काे जादुई शक्ति से मार देगा… लेकिन सिर्फ छाेटे जानवर ही आयें… बडे़ जानवरों काे ना खाने की शपथ ली हेै.

 

 

 

उसके इस फरमान से जंगल में कोलाहल मच गया… एक ताे जंगल का राजा और जादुई शक्ति से उसके और बलशाली होने की खबर से जंगल में अफरा तफरी का माहौल हाे गया.

 

बड़े जानवर ताे इस बात से खुश हाे गये कि जंगल के राजा शेर ने उन्हें ना खाने की शपथ ली है….लेकिन छाेटे जानवराे की शामत आ गयी… इस परिस्थिति काे देख छाेटे जानवर पलायन करने लगे.

 

 

 

उनके पलायन की खबर सुनते ही सारे बड़े जानवरो ने तत्काल एक सभा का आयोजन किया….. आयाेजन में एकमत से पारित किया गया बड़े जानवर स्वयं छाेटे जानवरों काे पकड़ कर राजा शेर तक पहुंचायेंगे…. नहीं तो छाेटे जानवरों के पलायन के बाद राजा शेर के क्रोध का प्रकाेप हम बड़े जानवराे काे सहना पड़ सकता है….साथ ही जान से भी हाथ धाेना पड़ सकता है.

 

सियार की कहानी Hindi Kahani 

अब इस डर से बड़े जानवर स्वयं छाेटे जानवराे काे पकड़ कर शेर तक पहुंचाने लगे…. शेर की याेजना काम कर गयी… वह मजे से बिना मेहनत किये राेज जानवराे काे मार कर खाने लगा और जानवराे के छाेटे हाेने से उसे काेई परेशानी नही हाेती थी…. वह खूब माेटा ताजा हाे गया.

 

 

 

 

लेकिन कहते हैं न सबका दिन आता है. अब एक दिन एक सियार का नम्बर आया… वह बहुत ही बुद्धिमान सियार था… जब एक बड़ा जानवर उसे शेर के पास ले जा रहा था.. ताे उस बुद्धिमान सियार ने एक बहाना बनाया.

 

 

 

उसने उस जानवर से कहा कि अब ताे मेरा मरना निश्चित है… और हर मरने वाले की आखिरी ख़्वाहिश पूरी की जाती है… साे आपसे निवेदन है कि मुझे थाेड़ा अपना पेट भर लेने दिजीये. उसके बाद ताे भाेजन कभी नसीब में नही रहेगा… और महाराज शेर भी जब मुझे खायेंगे… ताे बढ़िया स्वाद मिलेगा… वह जानवर मान गया.

 

Hindi Kahaniyan New हिंदी की बेस्ट कहानी 

सियार आराम से भाेजन करने लगा और काफी देर बाद वापस आया… इधर देर हाे जाने की वजह से शेर भूक से व्याकुल हाे उठा था… उसे राेज ताजे खाने की आदत थी साे वह गुस्से में दहाड़ लगाने लगा.

 

 

 

 

जब बड़ा जानवर सियार के साथ वहां पहुंचा ताे शेर की दहाड़ से दूर जा छुपा…सियार काे गुफा के द्वार पर खड़ा देख शेर ने क्रोध से कहा.. दुष्ट सियार कहा रह गया था… आने में इतनी देर क्याें लगा दी… आज मैं तुझे ठीक वैसे ही तड़पा कर खाउंगा जैसे मैं भूक से तड़पा हूं.

 

 

 

 

तब सियार ने विनम्रता से कहा हे महाराज क्षमा करें… मैं समय से आ रहा था… भला काेई आपके आदेश की अवहेलना कर सकता है भला…. वह ताे रास्ते में पड़ने वाले कुये के पास एक नया शेर आया है.

 

 

 

 

हिंदी कहानी फॉर किड्स 

 

 

उसने मुझे राेक लिया… उसने गुस्से में से पूछा कहा जा रहा है… ताे मेरे साथ वाले बड़े जानवर ने सारी बात बता दी… इसपर वह शेर बहाेत क्रोधित हाे गया.. और उसने बड़े जानवर काे वहीं मार डाला… आप देख सकते हाे कि मेरे साथ काेई बड़ा जानवर नही है… जब शेर ने बाहर झांककर देखा ताे बात सही थी.

 

 

 

सियार ने गरम लाेहे पर फिर हथाैड़ा मारा… उसने कहा महाराज कल से काेई जानवर यहा नही आयेगा… उसने मुझसे कहा कि जाकर कह दे कि कल से जानवराे काे मै खाउंगा… महाराज आज मुझे खाकर भूक शांत कर लें कल से ताे आपके नसीब में कुछ नहीं है.

 

इसपर शेर ने क्रोध में भरकर कही कि चल बता कहा है वह शेर आज मै सर्वप्रथम उसे मारुंगा… तब मेरा भूक शांत हाेगी… शेर और सियार दाेनाे कूयें की तरफ चल दिये… उन्हें साथ जाता देख झाड़ियों में छुपे हुये बड़े जानवर काे बड़ा आश्चर्य हुआ… वह भी धीरे धीरे छुपकर उनके पीछे चल दिया.

 

 

Hindi kahaniya  हिंदी कहानियां 

 

 

 

कूयें पर पहुंच कर सियार ने कहा महाराज इसी कूये मे बैठा है वह शेर.. आप कूयें में दहाड़ लगाइये… तब वह आयेगा…. जैसे ही शेर ने कूयें में दहाड़ लगायी… उसकी परछाई ने भी दहाड़ लगायी… इसपर शेर काे गुस्सा आ गया और उसने कूयें में छलाँग लगा दी…. छपाक और खेल ख़त्म.

 

 

वह कूयें मे से बचाने की गुहार लगाता रहा और कुछ देर बाद आवाज़ बंद हाे गयी…. इधर बडे़ जानवर ने जंगल में आकर सारी कहानी बता दी… सारे वन में उत्सव मनाया जाने लगा….और सियार का खूब स्वागत सत्कार किया गया…. इस तरह बुद्धिमान सियार ने खुद के साथ कइयाें की जान बचा ली.

 

 

 

सकारात्मक सोच की कहानी 

 

 

 

2- जीवन में हमें कई तरह की परेशानीयाे का सामना करना पड़ता है और आप सकारात्मक सोच पर कहानी पढ रहे है. सकारात्मक सोच सेआप जीवन की तमाम परेशानियों से लड़ सकते है.

 

 

 

अगर आप हमेशा नकारात्मक विचारों के बारे में साेचेगें तो हर काम आपकाे कठिन ही लगेगा. एक कहावत है न .. …. “जेेैसी चाह वैसी राह

 

 

 

बात बहुत पुरानी है. एक संत अपने शिष्याे के साथ एक जंगल से कहीं जा रहे थे. अचानक उन्हें प्यास लगी, वो पानी की तलाश में आगे बढ़ने लगे.

 

 

आगे चलने पर उन्हें एक तालाब दिखाई दिया. मीठी -मिठी  फूलों की सुगंध…. धीमी गति से बहती हवा… चिड़ियाे की चहचहाहट… बहुत ही मनोरम दृश्य था.

 

 

 

संत ने अपने शिष्याे से कहा कि हम थक गये हैं ,यहा बहुत ही मनोरम वातावरण है. हम कुछ देर आराम करेंगें, फिर गंतव्य काे प्रस्थान करेंगें. संत और उनके शिष्य थाेडा आराम करने के उद्देश्य से वहा बैठ कर प्रकृति का आनंद ले रहे हाेते है, कि अचानक से देखते हैं कि एक मछुआरा मछलियाँ पकड़ने आता है.

 

 

 

 

संत बडे ध्यान से उसकी क्रिया काे देखते हैं. फिर अपने शिष्याे से कहते हैं कि देखाे कैसे मछुआरे के जाल में कुछ मछलियाँ एकदम निढाल हैं…. कुछ मछलियाँ छटपटाते हुये निकलने का प्रयास कर रही हैं और कुछ सफल भी हाे रही हैं.

 

 

 

फिर संत ने शिष्याे से पूछा कि इसका जीवन में क्या मतलब है.शिष्य एक दूसरे को देखने लगे. तब संत बाेले मैं बताता हूं…… मनुष्य भी ठीक ऐसे ही हाेते है.

 

 

 

कुछ मनुष्य होते हैं जाे साेच लेते है कि अब कुछ हाे ही नहीं सकता… सब कुछ खत्म हो गया है.. और शान्त होकर बैठ जाते हैं. दूसरे हाेते हैं जो जाेश में आकर प्रयास ताे करते हैं लेकिन फिर शान्त हाेकर बैठ जाते हैं जिससे उनका भी पतन हाे जाता है.

 

 

Story in HIndi 

 

 

लेकिन इसके विपरीत जो तीसरे हाेते हैं वे निरंतर प्रयास करते हैं और जीवन में सफल होते हैं. वह सकारात्मक सोच के लोग हाेते हैं .तो हमें निरंतर प्रयास करना चाहिए.

 

 

 

सकारात्मक हाेना चाहिए. सकारात्मक सोच रखनी चाहिए. हम जीवन की प्रत्येक बाधा का पार कर लेगें.इस कहानी से हमें यही सीख मिलती है.

 

 

 

Hindi Kahani With Moral

Hindi Kahani

 

Infographic Source- Infographic

 

 

3- आज मैं  इस Hindi Kahani  के माध्यम से देवतावाें के घातक अश्त्र शस्त्र  के बारे में बताने जा रहा हूँ.  देवतावाें के घातक अश्त्र शस्त्र के बारे में जानने के पहले यह जानना आवश्यक है कि अश्त्र और शस्त्र में क्या फर्क हाेता है..

 

अश्त्र वह हाेता है जिसे मंत्र शक्तियाे से साध कर दूर से फेका जाता है और  शश्त्र वह हथियार हाेता है… जिससे बिना मंत्र के ही फेका जाता है.वैदिक काल मे इसके 4प्रकार हाेते थे.

 

 

1-अमुक्ता--इस शश्त्र से फेककर वार नही किया जाता था.

 

 

 

2-मुक्ता-यह फेककर वार किया जाता था और इसके भी दाे प्रकार हाेते थे… 1-पाणिमुक्ता-हाथ से फेका जाने वाला 2-यंत्रमुक्ता--नाम से ही स्पष्ट है यंत्र से फेका जाने वाला.

 

 

 

3-मुक्तामुक्त-यह ऐसे शश्त्र हाेते थे जिनसे फेककर या बिना फेके दाेनाे तरह से वार किया जाता था.

 

 

 

4-मुक्तासंनिवृत्ती-यह ऐसे शश्त्र हाेते थे.. जाे लक्ष्य काे साधकर वापस लाैट आते थे.

 

 

 

५- ब्रह्माश्त्र —यह सबसे घातक दिव्यास्त्र है… जिसकी काट काेई नही है… यह परमपिता ब्रह्मा जी का अश्त्र है… यह बहुत ही भयानक अश्त्र है़… जिसे अगर संधान करके कहीं छाेड़ा जाये ताे बहुत विनाशकारी सिद्ध हाेता है.

 

 

जिससे उस क्षेत्र में भयानक गर्मी उत्पन्न हाेती है… विकिरण की वर्षा हाेने लगती है..कई वर्षाें के लिये जल जीवन समाप्त हाे जाता है. यह वार कभी विफल नही हाेता है…. हां इसे वापस अवश्य बुलाया जा सकता है.

 

६- नारायणास्त्र-यह भगवान विष्णु का अश्त्र है… यह महा विनाशक दिव्यास्त्र है… इस अस्त्र की भी काेई काट नहीं है़….इस अस्त्र से तमाम अस्त्र निकलते हैं… इस अस्त्र पर जितना अधिक वार किया जाता है वह और भी अधिक भयावह हाेता जाता है… जिसका उल्लेख भहाभारत मे मिलता है.

 

 

पाशुपतास्त्र-यह भगवान शंकर का दिव्यास्त्र है.यह उनके त्रिशूल की तरह प्रदर्शित हाेता है.. अत: इसे शूलास्त्र भी कहते हैं. यह महाभयानक अस्त्र है… इसे विफल नही किया जा सकता. यह भयंकर गर्जना के साथ दुश्मन पर वार करता है.

 

अमाेघ अस्त्र —यह भगवान राम का अस्त्र है… इसे रामास्त्र भी कहते हैं… इसका वार खाली नही जाता.. इसे सिर्फ राम नाम के उच्चारण से राेका जा सकता है.

 

Sudarshan Chakra--यग भगवान विष्णु का अश्त्र है जाे कि उनके कृष्णावतार में उनके पास था… यह उनके नारायणास्त्र के समान ही है.

वज्र और इन्द्रास्त्र-देवतावाें के राजा देवराज का घातक अस्त्र वज्र है.. जिसे महर्षि दधिचि के हड्डियाे ये बनाया गया है… इन्द्रास्त्र एक बार अनगिनत वाणाें की वर्षा करने में सक्षम हैं.

हल-प्रभु बलराम का अस्त्र हल महाविनाशक है… उसमें से विद्युत की तिव्र ज्वाला निकलती है… साथ ही विभिन्न प्रकार के अस्त्र शस्त्र इसमे से निकलते हैं. इसी कारण श्री बलराम काे हलधर भी कहा जाता है.

 

 

 

Hindi Kahaniya

Hindi Kahani

 

 

 

आग्नेयास्त्र —यह महाभयावह अस्त्र अग्निदेव का है… जाे आकाश से अग्निवर्षा करता है.

 

वायव्य –यह भयंकर हवा प्रकट करता है… जिससे हर तरफ अंधकार छा जाता है.

 

पन्नग–इस बाण विभिन्न प्रकार के महाविषधर सर्प प्रकट होते है.

 

 

गरुणास्त्र–इसे संधान करने से गरुण जी प्रकट हाेते हैं और सर्पाे का नाश करते हैं.

 

कुछ अन्य अस्त्र शस्त्र…..

 

शूल-यह बहुत नुकिला हाेता है… दुश्मन का शरीर भेद देता है.

त्रिशूल -जैसा कि नाम से ही प्रतीत हाे रहा है इसके तीन सिरे हाेते है और इसका मध्य भाग नुकीला हाेता है.

चन्द्रहास...यह तलवार के समान हाेता है… लेकिन टेढ़ा और कठोर हाेता है… इसका प्रयोग ज्यादातर असुर ही करते थे.

गदा –इसका नीचे का भाग पतला और मजबूत हाेता था.. जिससे पकड़ने में आसानी हाे… यह जमीन से छाती जितनी लम्बी हाेती थी… इसका ऊपरी हिस्सा  मजबूत हाेता था.. यह बहाेत वजनी हाेती थी.

 

चक्र-इसे मंत्र से सिद्ध कर के और घुमाकर दाेनाे तरह से फेका जाता था.

 

मुशल-–यह गदा के समान हाेता था… इसे फेककर वार किया जाता था.

Dhanush--इसका प्रयोग बाणाें काे चलाने में किया जाता था.

नाराच-यह बिशिष्ट प्रकार का बाण हाेता है.

मुग्दर –यह हथाैड़े के समान हाेता था.

भाला–यह लम्बा हाेता था और उसका ऊपरी सिरा बहाेत धारदार और नुकीला हाेता था.

इन अस्त्र शस्त्राें के अतिरिक्त अन्या विभिन्न प्रकार के अस्त्र शस्त्र हाेते थे.

मित्रों यह Hindi Kahani आपको कैसी लगी जरुर बताएं और हिंदी कहानी  की तरह की और भी Kahaniya पढ़ने के लिए इस  Hindi Kahani Blog को घंटी दबाकर सबस्क्राइब जरुर करें और Hindi Best Story की दूसरी Hindi Story को नीचे पढ़ें.

About the author

Abhishek Pandey

Leave a Comment