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hindi story

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Written by Hindibeststory

hindi story बहुत समय पहले की बात है. एक शहर के आस – पास के जंगलों में एक भेड़िये का बहुत आतंक था. उसके डर से कोई उस तरफ से जाने की सोच भी नहीं सकता था. बहुत सारे लोग उसका शिकार हो चुके थे. अंत एक संत ने उससे मुकाबला करने की ठानी. वे एक निश्चित समय पर शहर के बाहर निकले तो उनके पीछे शहर के तमाम महिला और पुरुष भी चले.

जैसे ही संत जंगल के समीप पहुंचे , भेड़िया उनकी तरफ लपका . तभी संत ने उसकी ओर शांतिपूर्वक ऐसा संकरत किया कि भेड़िया संत के पैरों के पास ऐसे आकर लेट गया जैसे कोई पालतू जानवर हो. लोगों को बड़ा आश्चर्य हुआ.

तभी संत ने भेड़िये को संबोधित करते हुए कहा ” देख , तूने शहर के लोगों को बहुत छती पहुंचाई है. लोगों को मारा है. इस वजह से तू अन्य अपराधियों की तरह ही दंड का भागी है . लोग तुझसे बहुत घृणा करते हैं. परन्तु मैं चाहता हूँ कि तेरे और शहरवासियों के बीच मित्रता स्थापित हो जाए. ” भेड़िये ने अपना सिर झुका लिया और पूंछ हिलाने लगा.

इस पर संत ने फिर कहा ” देख , अगर तू यह प्रतिज्ञा करता है कि तू शांतिपूर्वक रहेगा . किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा. तो शहरवासी भी तेरे साथ उचित व्यवहार करेंगे. तेरे लियए भोजन की व्यवस्था कर देंगे. ” इस पर भेड़िये ने सिर पूरी तरह झुका लिया और संत के हाथ पर अपना पंजा रख दिया.

संत उसे शहर के बीचो बीच ले गेये और सबकी सामने यह बात दुहराई और फिर सभी लोग शान्ति से , प्रेम से साथ रहने लगे. कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है की बुरे इंसान को भी शान्ति और प्रेम से बदला जा सकता है. मित्रों आपको यह hindi story कैसी लगी जरुर बताएं और इस तरह की hindi story के लियए ब्लॉग को लाइक, शेयर और सबस्क्राइब करें और दूसरी story के लिए इस लिंक gilhari पर क्लिक करें.

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