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भूतों की सच्ची कहानियां

भूतों की सच्ची कहानियां
Written by Abhishek Pandey

भूतों की सच्ची कहानियां ये अमेरिका के विलिसिका के लोवा इलाके में 9 जून 1912 की घटना है.  मूरे परिवार इलाके का समृद्ध परिवार माना जाता था.  परिवार में जोसियह बी.(43 ) उनकी पत्नी साराह नी मोंटगोमरी (39 ) उनके चार बच्चे हरमन मोंटगोमरी (11 ),मैरी कैथरीन (10 ),आर्थर बॉयड (7 ) और पॉल वेरनॉन (5 ) थे.  9 जुलाई को शाम के वक़्त मूरे परिवार प्रेस्बिटेरियन चर्च में चिल्डर्नस डे मनाने गए वहां कैथरीन मूरे ने अपनी सहेलियों ईना मे (8 )और लेना गेटरुदे (12)को अपने घर रात को रुकने के लिए आमंत्रित किया.  9 :30 बजे प्रोग्राम खत्म होने के बाद  दोनों लड़कियाँ मूरे परिवार के साथ उनके घर आ गई.

 

 

 

सुबह सात बजे के करीब जब  मूरे परिवार की पडोसी मैरी पेक्खम ने देखा के मूरे परिवार में से कोई आज बाहर नहीं आया तो मैरी ने मूरे के घर के दरवाजे को खटकाया ,लेकिन जब किसी ने कोई जवाब नहीं दिया तो उसने दरवाज़े पर जोर लगाया तो मैरी ने पाया के दरवाज़ा अंदर से बंद है तब मैरी ने पास में रहने वाले जोसियह मूरे के भाई रॉस मूरे को बुलाया.

रॉस ने दरवाज़ा पीटा और जोर जोर से आवाज़ लगाईं लेकिन कोई बाहर नहीं आया तब उसने डुप्लीकेट चाबी से घर का दरवाज़ा खोला,मैरी बाहर बरामदे में खड़ी रही और रॉस अंदर चला गया,अंदर गेस्ट रूम के दरवाज़े को खोलते ही उसे खून में लथपथ इना  और लेना  दोनों बहनो की बिस्तर पर पड़ी लाश दिखाई दी.

रॉस ने तुरंत बाहर आकर मैरी को इलाके के ऑफिसर हांक होर्टोन को बुलाने के लिए कहा.  ऑफिसर जल्द ही वहाँ पहुँच गया और उसने पुरे घर की छानबीन के बाद पाया के कुल्हाड़ी से पुरे मूरे परिवार और स्टीलिंगर बहनो की हत्या कर दी गई है , कुल्हाड़ी को भी गेस्ट रूम से बरामद कर लिया गया.

डॉक्टरी जाँच से पता चला कि हत्याएँ आधी रात और सुबह 5 बजे के बीच हुई हैं,दो सिगरेट के टुकड़े भी अहाते में मिले जिससे पता चला कि हत्यारा घर में ही छिप कर बैठा था और मूरे परिवार के सोने का इन्तजार कर रहा था ,जब मूरे परिवार सो गया तो पहले उसने जोसियह को बुरी तरह मारा ,जोसियह को इतनी बुरी तरह मारा गया था कि उसकी आँखें तक बाहर निकल आयी थी ,फिर हत्यारे ने जोसियह की पत्नी को मारा और फिर  बच्चों के कमरे में गया और बच्चों को मारने के बाद वो गेस्ट रूम की तरफ बढ़ा. जाँच में पता चला है कि लेना को छोड़ कर बाकी सब लोग नींद में मारे गए थे लेकिन लेना ने अपने को बचाने के लिए संघर्ष किया होगा ऐसा लेना के शरीर के घावों को देख कर लगता था.

मामले की जाँच में कई लोगो को शक के दायरे में रखते हुए गिरफ्तार किया गया.  इनमे जॉर्ज केली को तो दो बार पकड़ा भी गया,जॉर्ज केली एक मंत्री था लेकिन वो दिमागी रूप से विशिक्त (बीमार) था ,उसे लड़कियों को नंगा देखना पसन्द था और वो 9 जून को मूरे परिवार के साथ चिल्डर्नस डे पार्टी में था और उसे सुबह के 5:30 बजे शहर से निकलते देखा गया था,कोई ठोस सबूत ना होने की वजह से जॉर्ज को छोड़ दिया गया ,लेकिन एक साल बाद एक महिंला ने जब जॉर्ज पर अभद्रता का आरोप लगाया तो उसे फिर से हिरासत में ले लिया गया. लेकिन सबूतों के अभाव में वो फिर से छूट गया.

एक प्रमुख अपराधी हेनरी ली मूरे जिसका मूरे परिवार से कोई सम्बन्ध तो नहीं था लेकिन हेनरी के ह्त्या करने का अंदाज़ वही था और वो भी कुल्हाड़ी से.  हेनरी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई लेकिन उसने और हत्याएँ करना तो कबूल किया लेकिन उसने मूरे परिवार की हत्या के बारे में अनभिज्ञता प्रकट की,काफी पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया.

कई और लोगो को भी पकड़ा गया लेकिन सबूतो के अभाव में छोड़ दिया गया और कुछ सालों बाद मूरे परिवार की फाइल बंद कर दी गई. इस हत्याकाण्ड के 100 साल बाद भी मूरे हाउस चर्चा में है. इंटरनेट पर मुरे हाउस को विलिसिका मर्डर हाउस कह कर उसे भूतिया घर की तरह पेश किया गया है और आप पैसे देकर इस घर में एक रात बिता भी सकते हैं.  पैरानॉर्मल रियलिटी टेलीविज़न की सीरीज घोस्ट एडवेंटचर में विलिसिका मर्डर हॉउस की पूरी कहानी को दिखाया गया था.

                                                                                   भूतों की सच्ची कहानियां 

हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम राजन  है. मेरी ये कहानी मनघड़ंत नहीं है, चाहे आप इस पर विश्वास करे या नहीं. ये कहानी करीब 2 साल पुरानी है.मैं गर्मी की छुटियों में अपने अंकल के घर गया था.गर्मियों में वह रात  को बिजिली चली जाती थी तो जब बिजिली चली गई तो सब नदी के किनारे सोने के लिए चले गए पर मै नहीं गया.

ये मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी. मै सब के साथ न जाकर छत पर सोने के लिए चला गया. मै सो ही रहा था कि मुझे लगा कि कोई मेरी छाती के ऊपर बैठा है. मैंने आँखे खोल कर देखा तो कोई नहीं था. मै छुपकर देखा कि एक औरत बाल बिखरे करके मेरी ओर आ रही थी. उसकी आँखे चाँद कि रोसनी में चमक रही थी .वो बिजिली कि रफ़्तार से मेरी ओर आकर मेरी गर्दन दवाने लगी मैने जोर से हनुमान चालीसा बोलना सुरु कर दिया ये सुनकर बो अचानक गायब हो गयी और मै बेहोश  हो गया. जब मै होस में आया तब मुझे पता चला कि बो एक चुड़ैल थी.

3- कौन बनता है bhoot

भूतों की सच्ची कहानियां 

 

मै आपको एक सत्य कथा  बताने जा रहा हूँ .  मेरा  गाँव बिहार में  है.  आप लोगो को ज्यादा बोर न करते हुए सीधे स्टोरी पर आता हूँ .  बात तब की है जब गाँव  में एक खंडहर था.

 

 

जिसमे भूत अपना  डेरा जमाये  हुए थे और इसी कारण लोग अपने घरो में जल्दी चले जाते थे . मैं यह नहीं मानता था.  मैंने सोचा चल के देखा जाये तो जैसे ही रात हुई मै चल पड़ा देखने की सच में कोई बहुत है या फिर गाँव  वालों  को वहम  हुआ है. जैसे-जैसे मै आगे बढ़ता गया वैसे-वैसे चारो तरफ से आवाजें आने लगी.

 

 

जब मै खंडहर के पास पहुंचा तो मैंने एक कुए के पास उजले रंग की साड़ी में एक औरत को देखा.  जैसे मै आगे बढ़ता गया उसने मुझे देख लिया और मेरा डर के मारे बुरा हाल हो गया.  मैंने से वहां से भाग गया और जल्दी से घर आ गया और सो गया फिर मुझे पता चला कि वो एक औरत की आत्मा है जो इसी गाँव  की है.  उसके बाद मुझे भी बिस्वास हो गया कि भूत होते है.

                                                                                भूतों की सच्ची कहानियां 

बहुत साल पहले एक बुढ़िया एक जंगल में मर गई.  एक दिन एक लड़का उस जंगल में गया.  वो बुढ़िया अपनी समाधी से निकल कर बोली “चला जा यहाँ से बरना तू मारा जायगा.” वो लड़का पहले डर गया फिर सोचा चलो जाते है आगे.

वो बुढ़िया फिर से बोली फिर भी उसने उसकी एक न सुनी और आगे बढ़ गया.  जब वो जंगल के बीचो-बीच था तब एक आवाज आई “कु-कु-कु” वो लड़का डर के मारे बहुत जोर से चिल्लाया और भागा.

भाग-भाग के थोड़ी दूर आ गया और आगे उसने एक झोपडी देखी.  तो उसने जोर-जोर से दरवाजा खट-खटाने लगा.  तो उस झोपड़ी से एक बुढ़िया बाहर आई और पूछने लगी “कौन हो तुम, और यहाँ इस वक्त क्या कर रहे हो?” तो उस लड़के ने बोला “कृपया मेरी मदद करें मैं इस सुनसान जंगल में भटक गया हूँ.  कृपया  आप थोड़ी सी मेरी मदद कर दीजिये.”

 

 

 

 

यह सुनकर वो बुढ़िया बोलने लगी “कैसे मदद कर सकती हूँ मैं तुम्हारी ?” लड़के ने बोला “मुझे आज रात के लिए यहाँ रुकने की अनुमति दे दीजिये .”

 

 

 

बुढ़िया यह सुनकर खुश हो गई और बोली “हाँ जरूर, तुम यहाँ आज रात के लिए ठहर सकते हो.”

 

 

 

बुढ़िया खुश इसलिए हो गई थी क्योंकि वो बुढ़िया ही भूत थी और उस लड़के को इस बात की खबर तक नहीं थी.  बुढ़िया मन ही मन सोचने लगी कि “वाह मजा आ गया, आज शिकार खुद मेरे पास चल के आया है. आज रात अच्छा भोजन होगा.”

 

 

 

वो लड़का थोड़ी देर एक कमरे में बैठ कर सोच रहा था कि कब सुबह होगी और वो वहाँ से चला जायगा . उस लड़के को थोड़ी देर बाद प्यास लगी और उसने बुढ़िया से पूछा “क्या आप मुझे थोड़ा सा पानी पीने को दे सकती हैं? मुझे बहुत प्यास लगी है.” वो बुढ़िया बोली “तुम यहीं रुको मैं अभी पानी लेकर आती हूँ.”

 

 

वो बुढ़िया पानी लेकर आ ही रही थी की उस लड़के ने देखा उस बुढ़िया की एक ऊँगली कटी हुई है और उसके पैर उलटे मुडे हुए है. अब वो बुढ़िया पहले से ज्यादा डरावनी दिख रही थी. यह देखकर वो लड़का बहुत डर गया. लेकिन उसने थोड़ी हिम्मत रखी और कुछ गलत कदम नहीं उठाया.

 

 

 

उसने बुढ़िया से पूछा “आपकी एक ऊँगली कैसे कट गई और आपके पैर उल्टे कैसे हो सकते है और बुरा न माने तो मैं पूछना चाहता हूँ  कि आप पहले से इतनी डरावनी क्यों लग रहीं हैं?”

 

 

 

यह सुनते ही वो बुढ़िया अपने डरावने रूप में आ गई और बोली “तुम्हे क्या लगता है की मैं इंसान हूं? मैं इंसान नहीं चुड़ैल हूँ और आज मैं तुम्हे खाने वाली हूँ.  बर्षो से मैं इस जंगल में भूखी भटक रही हूँ, आज मैं तुम्हे खाकर अपनी बर्षो की भूख मिटाउंगी. ” यह कहते-कहते वो जोर-जोर से हंसने लगी.

यह सुनकर वो लड़का भी जोर-जोर से हंसने लगा और बोला “ये बुढ़िया मैं भी कोई आम इंसान नहीं हूँ.  मैं एक योगी हूँ जो लड़के का रूप रखकर तुझे मुक्ति दिलाने आया हूँ .” यह कहते-कहते वो लड़का अपने असली योगी के रूप में आ गया.

 

 

यह सुनते ही वो बुढ़िया “नहीं-नहीं” कहते हुए भागने लगी.  लेकिन उस योगी फुर्ती से उसकी एक टांग पकड़ ली और अपने मंत्र जपना शुरू कर दिया.  थोड़ी देर बाद वो बुढ़िया झटपटाती हुई अपनी चुड़ैल की योनि से बाहर निकल गई और उसकी आत्मा आसमान में ओझल हो गई.

                                                                                  भूतों की सच्ची कहानियां 

हेलो दोस्तों मेरी स्टोरी कुछ ख़ास तो नहीं है पर शायद आपको पसंद आए.  दोस्तों मैं साल पहले ही फरीदाबाद में अपना घर बनाकर रहने आया था. मेरे साथ मेरा पूरा परिवार था.

मैं  कॉलेज में हूँ इसलिए मेरा रात में घर के  निकलने का कोई सवाल ही नहीं होता.  पर एक रात भैया को ऑफिस से आने में बहुत रात हो गई, शायद रात के २:३० बज रहे थे.  कोई वाहन भी नहीं चल रहा था और जाड़े की रात थी.  बहुत ठण्ड भी लग रही थी.  तो मैं ही भैया को लाने चल पड़ा, अपनी स्कूटर लेकर.  पापा बोले “मैं भी चलूँ” पर मैंने मना कर दिया, क्योंकि उनकी तबियत ख़राब थी.  तो मैं निकल पड़ा.

 

बहुत ठण्ड लग रही थी और रास्ता सुनसान था , लेकिन मुझे डर नहीं लग रहा था .  अचानक मैंने देखा कोई रस्ते में अकेली खड़ी थी और हांथो का इशारा देकर लिफ्ट मांग रही थी.  मैंने अपना स्कूटर नहीं रोका.  मैंने सोचा रात में किसी को लिफ्ट देना अच्छा नहीं होगा.  पर कुछ दूर आगे जाकर सोचा लड़की है और अकेली है.  सुनसान रास्ते पर उसे कुछ हो गया तो भगवान भी मुझे माफ़ नहीं करेगा. इसलिए मैंने अपना स्कूटर वापस मोड़ लिया.

मैंने देखा वो लड़की वहां पर खड़ी थी और डरी सी लग रही थी. मैंने कहा मैडम डरो मत मैं आगे जा रहा हूँ आपको मेट्रो तक छोड़ दूंगा.  उसने बस अपना सर हिलाकर हामी भर दी और स्कूटर पर बैठ गई.  पर मुझे लग ही नहीं रहा था की मेरी स्कूटर पर कोई बैठा है.  फिर मैंने उससे पूछा “इतनी रात को कहा से आ रही हो. आपको डर नहीं लगता.” वो बोली “मुझे डर नहीं लगता और आप अपनी गाडी चलाओ.” मैं चुप हो गया.

मैंने फिर पूछा “आपको जाना कहाँ है.” तो बोली “थोड़ा सा आगे.” पर आगे तो कोई भी गाँव  या घर नहीं था. मैंने सोचा जो हो मुझे क्या लेना देना.

अचानक मेरी नजर अपने स्कूटर के शीशे पर पड़ी. देखा कोई पीछे बैठा ही नहीं. मैं समझ गया की यह कोई चुड़ैल है. अब मैं करूँ तो क्या करूँ. ठण्ड में भी मैं पसीना-पसीना हो गया.

तभी मैंने थोड़ी सी हिम्मत जुटाकर स्कूटर रोक लिया और बोला “आप थोड़ा उतरिये, स्कूटर में कुछ आवाज आ रही है. लगता है कुछ प्रॉब्लम  हो गई है.” जैसे ही वो स्कूटर से उतरी मैंने फुल स्पीड से यानि 80 की स्पीड से स्कूटर भगाई. मैंने पीछे मुड़कर देखा तो वो जोर जोर से हंस रही थी.

फिर मैं भैया के पास पहुंचा और पूरी बात उन्हें बताई. उन्होंने कहा “अब हम सुबह ही घर जायेंगे, घर पर फ़ोन करके कह दो.”

फिर मुझे कुछ दिन बाद पता चला कि उस सुनसान रास्ते पर उस लड़की का रेप करके मार दिया गया था. आज भी उसकी मदद मांगने की आवाजें रास्ते पर जाने वाले लोगों को सुनाई देती हैं.

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