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Indian police ना लिखे Fir तो करें यह उपाय

Indian police ना लिखे Fir तो करें यह उपाय
Indian police ना लिखे Fir तो करें यह उपाय
Written by Hindibeststory

Indian police ना लिखे Fir तो करें यह उपाय आपने कई बार यह देखा होगा की Indian police आपकी Fir लिखने में आनाकानी कराती है. तमाम तरह के बहाने बनाती है. ऐसे में आम आदमी को बहुत ही परेशानी होती है. उसे यह समझ में नहीं आता कि वह क्या करे. लेकिन आप यह समझिये कि यह Digital online की दुनिया है. कोई भी Indian police officer आपकी First Information Report अर्थात Fir लिखने से मना नहीं कर सकता है.

Indian police ना लिखे Fir तो करें यह उपाय
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Fir Fullform  मतलब First Information Report  होता है. इस मामले में डरने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि Supreme Court के आदेश के अनुसार कोई भी Indian Police officer , Fir लिखने से मना नहीं कर सकता है. इसके बारे में High Court के lawyer ने बताया कि Supreme Court के संवैधानिक बेंच ने ललिता कुमारी वर्सेज Up gov केस में CRPC के सेक्शन १५४ के तहत Fir को र कुछ गाइडलाइंस जारी की थीं. जिसमें इस बात का साफ साफ जिक्र था कि अगर एफआईआर किसी दंड योग्य अपराध के बारे में जानकारी देती है तो कोई भी पूर्व जांच जरुरी नहीं है अर्थात ऐसी स्थिति में fir दर्ज किया जाना अनिवार्य है.

आज के समय में बहुत जगहों पर Online Fir भी दर्ज की जाती है. Up Police Online Fir दर्ज करती है. अगर फिर भी Indian Police Officer आपके एफआईआर में बिना आपको सूचना दिए कोई बदलाव कर देता है तो आप SSP को इसके लिये एप्लीकेशन दे सकते हैं और अगर वहां भी सुनवाई नहीं होती है तो आप डीआईजी के पास एप्लीकेशन दे सकते है और इसके साथ ही आप Court का भी सहारा ले सकते हैं. Indian Law में यह बात साफ है कि कोई भी अधिकारी Fir लिखने से मना नहीं कर सकता है. मित्रों यह जानकारी Indian police ना लिखे Fir तो करें यह उपाय आपको कैसी लगी, कमेन्ट में बताएं और भी अन्य जानकारी ,Hindi kahani के लिए इस लिंक https://www.hindibeststory.com/matsyaavatar-ki-bhakti-pauranik-katha/ पर क्लिक करें.

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