Jivdani Temple Story in Hindi माता जीवदानी मंदिर तक कैसे पहुंचे ? जानिए हिंदी में
Jivdani Temple Story in Hindi

Jivdani Temple Story in Hindi माता जीवदानी मंदिर तक कैसे पहुंचे ? जानिए हिंदी में

Jivdani Mata Story in Hindi जीवदानी माता की कथा

 

 

Jivdani Temple Story in Hindi माता जीवदानी का यह मंदिर महारष्ट्र के मुंबई से लगभग ६०  किलोमीटर दूर विरार पूर्व में स्थित है।  कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों ने करवाया है।

 

 

 

यह मंन्दिर पर्वत की चोटी पर स्थित है , मंदिर तक पहुँचने के लिए लगभग १३०० सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। यहां मुंबई महाराष्ट्र के साथ ही देश भर से लोग दर्शन को आते हैं।

 

 

यह बहुत ही प्रसिद्द मंदिर है। यहां लोगों की हर मनोकामनाएं पूरी होती हैं।  सच्चे मन से माता जीवदानी से जो कुछ भी माँगते हैं माता रानी उसे जरूर पूरा करती हैं।

 

 

 

इस मंदिर तक आप पश्चिम रेलवे की विरार लोकल ट्रेन से आ सकते है। इसके लिए आपको लास्ट स्टॉप विरार पर उतर कर विरार पूर्व से जीवदानी देवी के लिए ऑटो ले सकते है। स्टेशन से कुछ ही दुरी पर जिवडाननि देवी जाने के लिए ऑटोरिक्शा मिल जाता है।

 

 

Jivdani Temple Story in Hindi

 

 

यहां आप थोड़ा ध्यान दें ऑटो वाले को जीवदानी देवी के मेन रास्ते पर चलने को बोले।  हालांकि ज्यादातर रिक्शा वाले और खासकर शेयर रिक्शा वाले में रास्ते से ही जाते हैं। लेकिन कुछ पीछे के रास्ते से भी जाते हैं।  पीछे के रास्ते से जाने में आपको थोड़ी असुविधा हो सकती है।

 

 

 

Jivdani Mandir me Kitni Sidhi Hai / Jivdani Mandir ki Sidhi Kitni Hai

 

 

 

आप प्रमुख रास्ते से जाएंगे तो ऑटो वाले एकदम मंदिर के पास आपको छोड़ेंगे।  वहाँ से आप माला फूल लेकर सीढ़ियों के रास्ते माता के मंदिर चलें। आप चाहें तो लिफ्ट का भी उपयोग कर सकते हैं जो कि सीढ़ियों से थोड़ी ही दूर पर है। लेकिन उसके कुछ पैसे चुकाने होते हैं। जीवदानी मंदिर में लगभग १३५० सीढ़ियां हैं।

 

 

 

 

वैसे सीढ़ियों से जाने का अपना एक अलग ही आनंद है।  ज्यादातर लोग सीढ़ियों से ही जाना पसंद करते हैं।  कुछ ही सीढ़ियों के चढने पर भगवान् श्री गजानन का मंदिर है।

 

 

 

आप दर्शन करके आगे की तरफ चलें। पहले तो इतनी व्यवस्था नहीं थी। लेकिन अब मंदिर प्रशासन की तरफ से काफी व्यवस्था की गयी है, जिससे यात्रा काफी आरामदायक हो गयी है। सीढ़ियों के दोनों तरफ सजी दुकाने और उसमें बजते माता जीवदानी के गीत आपके उत्साह को दोगुना कर देंगे।

 

 

Jivdani Mandir Aarti Timing / Jivdani Mandir Story in Hindi

 

 

 

Jivdani Story in Hindi
Jivdani Temple Story in Hindi

Infographic Source – Piktochart

 

 

देखते ही देखते मंदिर का मुख्य द्वार आ जाएगा।  सुरक्षा की दृष्टि से मंदिर और मूर्तियों का फोटो खींचना और वीडियो बनाना प्रतिबंधित है। इस बात का ध्यान रखें और मंदिर को साफ़ सुथरा रखें। गन्दगी ना फैलाएं।

 

 

 

मुख्य द्वार से प्रवेश कर माता जीवदानी का दर्शन करें।  इसके अतिरिक्त अहाते में बैठकर कुछ देर दर्शन लाभ ले सकते हैं।  चूँकि अहाते में    ज्यादा भीड़ हो जाने से दूसरे भक्तों को असुविधा होती है।  इसलिए इसका ख्याल रखें और भीड़ के समय कुछ देर ही अहाते में बैठे।

 

 

 

मंदिर के अंतिम फ्लोर पर तमाम मंदिर हैं। जिसमें ककाली माता, भैरव बाबा, माँ कामधेनु  आदि के मंदिर हैं।  आप वहां भी  दर्शन करें। वहाँ एक छोटा सा चिड़ियाघर है।  जिसमें विभिन्न प्रकार के पक्षी चहचहाते रहते हैं। जीवदानी मंदिर से बाहर का दृश्य बहुत ही मनोरम प्रतीत होता है।

 

 

 

मंदिर की सीढ़ियों के बगल में कई सारे छोटे – बड़े होटल है।  उसके अलावां नीचे के परिसर में भी कई सारे होटल हैं। मंदिर से वापस लौटते समय सीढ़ियों से संभल कर उतरें।

 

 

 

इस मंदिर का निर्माण १७वीं शताब्दी में है। यह सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला के जीवदानी पर्वत पर स्थित है।  इस मंदिर के शिखर पर हमेशा भगवा झंडा फहरता रहता है।

 

 

 

उसके अतिरिक्त इसी पहाड़ी पर मंदिर के निकट बहुत ही बड़े अक्षरों में ” ॐ ” लिखा गया है। जो कि नीचे से भी साफ़ दिखाई देता है। मंदिर के चारो तरफ हरियाली है।  वैसे तो इस मंदिर में रोजाना काफी भीड़ रहती है, लेकिन नवरात्रि के दिनों में यहाँ भीड़ बहुत अधिक बढ़ जाती है।

 

 

 

जीवदानी मंदिर की कथा हिंदी में / Jivdani Mata Mandir Story in Hindi

 

 

 

मंदिर प्रशासन और विरार पुलिस की तरफ से व्यापक  सुरक्षा के इंतजाम रहता है। पौराणिक कथा के अनुसार वनवास के समय पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण किया और उन्होंने देवी एकवीरा के प्रतिरूप की स्थापना कर उनका नाम जीवदानी रखा और साधु संतों के लिए गुफाओं का निर्माण किया।  जिसे पांडव डोंगरी कहा जाता है।

 

 

 

इसके अलावां माता जीवदानी की दूसरी कहानी भी प्रचलित है।  माता  जीवदानी को ताम्बूल बहुत प्रिय है। उनके प्रसाद में ताम्बूल को ख़ास जगह दी गयी है।

 

 

Jivdani Mata Mandir Ropeway Fare

 

 

Jivdani Temple Virar Ropeway Tickets एक राउंड  Jivdani Mandir Trolley Charges   १५० रुपये और आने की कीमत ५० रुपये  प्रति व्यक्ति है. यह कीमत वर्ष २०१९ की है.

 

 

 

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