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श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य krishna death  का रहस्य एक श्राप से जुड़ा है. जब mahabharat का युद्ध समाप्त हो गया और युधिष्ठिर का राजतिलक किया जा रहा था तभी कौरवों की माता और महाराज ध्रितराष्ट्र की पत्नी गांधारी ने krishna god को श्राप दिया कि जिस तरह से कौरवों का नाश हुआ वैसे ही यदुवंश का नाश हो जाएगा…द्वारिका जल में डूब जायेगी…..उनके द्वार श्राप दे दिए जाने के बाद चारो तरफ हाहाकार मच गया और गांधारी को भी इसका पश्चाताप हुआ…..वे पश्चाताप में रोते हुए बोलीं कि मैंने आवेश में आकर यह श्राप दे दिया….मैंने अपने १०० पुत्रों को खोया है…मैं इस दर्द को सहन नहीं कर सकी.

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

तब krishna god ने उन्हें समझाते हुए कहा कि… नहीं आपने कुछ गलत नहीं कहा है…यह क्रोध स्वाभाविक है….और यह तो विधाता के द्वारा निश्चित था….मैंने आज तक तमाम माताओं के आशीर्वाद को पाया है तो आज मैं इस श्राप को भी स्वीकार करता हूँ. युधिष्ठिर के राजतिलक के बाद shri krishna  द्वारिका पहुंचे और यदुवंशियों को लेकर प्रभास क्षेत्र आ गए.

उसके कुछ दिनों बाद महाभारत युद्ध की चर्चा करते हुए सत्यकी और कृतवर्मा में विवाद हो गया और यह विवाद बहुत अधिक बढ़ गया. तभी गुस्से में आकर सात्यकि ने कृतवर्मा का सर काट दिया. इस घटना के फलस्वरूप आपसी युद्ध भड़क गया. सभी लोगों का गुट बन गया और एक गुट दुसरे गुट का संहार करने लगा.

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य

इस भीषण गृहयुद्ध में krishna god के पुत्र प्रद्युम्न, मित्र सात्यकि तथा अन्य लगभग सभी यदुवंशी मारे गए. उसमें बब्रू और दारुक ही बच पाए और इन्होने ही  यदुवंश को आगे बढ़ाया. इस गृह युद्ध से भगवान श्रीकृष्ण बहुत दुखी हुए. एक दिन वे एक पेड के निचे सोये हुए थे. तभी एक बहेलिया आया और श्रीकृष्ण के तलवे को हिरन की आँख समझ कर उस पर तीर छोड़ दिया…चूँकि कान्हा का तलवा चमक रहा था जिससे वह समझ नहीं पाया और उसका तीर krishna god  की तलवे में लग गया और इससे उनकी मृत्यु हो गयी. कहा जाता था कि यह बहेलिया बाली का पुनर्जन्म था जिसे भगवान श्रीराम ने त्रेता युग मीन छुपकर तीर से वार करके मारा था. मित्रों यह bhakti story  श्री कृष्ण की मृत्यु का रहस्य   आपको कैसी लगी कमेन्ट में अवश्य ही बताये और अन्य bhakti stories के लिए इस लिंक Mahabharat Ke Pramukh Pandav Patra Bhag 1 Bhakti Story   पर क्लिक करें.

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Abhishek Pandey

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