Horror Story

kuldhara village

kuldhara village
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Written by Hindibeststory

kuldhara village भारत देश तमाम तरह के रहस्यों से भरा हुआ है. आज उन्ही रहस्यों में से एक kuldhara village की kuldhara story आपको बताने जा रहा हूँ. kuldhara पिछले १७० सालों इतिहारकारों के अनुसार kuldhara के पालीवाल ब्राह्मण बहुत ही उद्यमी और धनवान थे.राजस्थान के जैसलमेर शहर से 18 किमी दूर स्थित kuldhara village आज से ५०० साल पहले ६०० घरो और 84 गावो का पालीवाल ब्राह्मणों का साम्राज्य ऐसा राज्य था जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है.रेगिस्तान के बंजर धोरो में पानी नहीं मिलता वहाँ पालीवाल ब्राहमणों ने ऐसा चमत्कार किया जो इंसानी दिमाग से बहुत परे थी. उन्होंने जमीन पर उपलब्ध पानी का प्रयोग नहीं किया और न ही बारिश के पानी को संग्रहित किया बल्कि रेगिस्तान के मिटटी में मोजूद पानी के कण को खोजा और अपना गाव जिप्सम की सतह के ऊपर बनाया.

उन्होंने उस समय जिप्सम की जमीन खोजी ताकि बारिश का पानी जमीन सोखे नहीं और आवाज के लिए गाव ऐसा बंसाया की दूर से अगर दुश्मन आये तो उसकी आवाज उससे 4 गुना पहले गाव के भीतर आ जाती थी.हर घर के बीच में आवाज का ऐसा मेल था जेसे आज के समय में टेलीफोन होते हे. जैसलमेर के दीवान और राजा को ये बात पसंद नहीं आई कि ब्राह्मण इतने आधुनिक तरीके से खेती करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं . उन्होंने खेती पर कर लगा दिया पर पालीवाल ब्राह्मणों ने कर देने से मना कर दिया.उसके बाद दीवान सलीम सिंह को गाव के मुखिया की बेटी पसंद आ गयी तो उसने कह दिया या तो बेटी दीवान को दे दो या सजा भुगतने के लिए तयार रहे. ब्राह्मणों को अपने आत्मसम्मान से समझोता बिलकुल बर्दाश्त नहीं था इसलिए रातो रात ८४ गाँव की एक महापंचायत बैठी और निर्णय हुआ की रातो रात kuldhara खाली करके वो चले जायेंगे. रातो रात ८४ गाँव के ब्राह्मण कहा गए कैसे गए और कब गए इस चीज का पता आजतक नहीं लगा. पर जाते जाते पालीवाल ब्राह्मण श्राप दे गए की ये kuldhara हमेशा के लिए वीरान हो जायेगी. इस जमीं पर कोई बस नहीं सकेगा और जो ऐसी हिमाकत करेगा. वह मृत्यु को प्राप्त होगा. तभी से kuldhara village शापित हो गया.

कहा जाता है कि उसके बाद कई लोगों ने इसे मिथ्या मानकर वहाँ बसने की कोशिश की, लेकिन या तो वे डरकर भाग गए या फिर वह सदा के लिए वहीँ के होकर रह गए अर्थात उनकी मृत्यु हो गयी. आज भी kuldhara village क्षेत्र में आते ही मोबाइल और रेडियों तरंगे बंद हो हाती हैं और उस क्षेत्र से बाहर निकलते ही फिर से तरंगे आने लगती है.पर्यटक यहां इस चाह में आते हैं कि उन्हें यहां दबा हुआ सोना मिल जाए. इतिहासकारों के मुताबिक पालीवाल ब्राह्मणों ने अपनी संपत्ति जिसमें भारी मात्रा में सोना-चांदी और हीरे-जवाहरात थे ,उसे जमीन के अंदर दबा रखा था. यही वजह है कि जो कोई भी यहां आता है वह जगह-जगह खुदाई करने लग जाता है. इस उम्मीद से कि शायद वह सोना उनके हाथ लग जाए. यह गांव आज भी जगह-जगह से खुदा हुआ मिलता है.

मई २०१३ में दिल्ली से आई पैरानार्मल सोसायटी की टीम { जो भूत प्रेत का रिसर्च करती है ) ने एक रात kuldhara village में बिताई . टीम ने भी माना की यह जगह अन्य जगहों की तरह सामान्य नहीं है. उन्होंने वहाँ कई तरह के पैरानार्मल एक्टिविटी महसूस की. टीम के एक सदस्य ने बताया की कोई कई बार उनके कंधे पर हाथ रखकर थपथपाता, लेकिन पीछे देखने पर कोई नहीं रहता. पैरानार्मल सोसायटी के उपाध्यक्ष अंशुल शर्मा ने बताया कि हमारे पास एक डिवाइस है जिसका नाम घोस्ट बाक्स है. इसके माध्यम से हम ऐसी जगहों पर रहने वाली आत्माओं से सवाल पूछते हैं.kuldhara village में भी ऐसा ही किया जहां कुछ आवाजें आई तो कहीं असामान्य रूप से आत्माओं ने अपने नाम भी बताए. शनिवार चार मई की रात्रि में जो टीम kuldhara village गई थी उनकी गाडिय़ों पर बच्चों के हाथ के निशान मिले.

राजस्थान सरकार ने इसे पर्यटक क्षेत्र घोषित कर दिया है. यहाँ पर रोजाना हजारों की संख्या में लोग आते हैं. यहाँ आने वालों को भी वहाँ की रूहानी ताकतों का एहसास होता है. प्रशासन ने kuldhara village की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है. दिन में तो यहाँ अवश्य ही चहल पहल होती है , लेकिन रात को इस फाटक को पार करने की किसी की हिम्मत नहीं होती है. मित्रों आपको यह horror story kuldhara village कैसी लगी जरुर बताएं और भी इसी तरह की कहानिया के लिए ब्लॉग को सबस्क्राइब अवश्य कर लें और भी दूसरी horror story के लिए इस लिंक बेलीगारद जहाँ है भूतों का डेरा Horror Story पर क्लिक करें.

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