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Bhakti Story

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Written by Hindibeststory

matsya avatar hd images मत्स्य अवतार भगवान् विष्णु के दस अवतारों में से एक हैं. matsya avatar भगवान विष्णु का प्रथम अवतार है. भगवान विष्णु को पालनकर्ता , पालनहार कहा जाता है. वे ब्रह्मण्ड की रक्षा के लिए, मानवता की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं.जब जब पाप बढ़ता है, सत्य को हराया जाने लगता है तब तब भगवान् इस धरा पर अवतरित होते हैं.

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ब्रम्हांड की आवधिक विघटन के प्रलय के ठीक पहले जब प्रजापति ब्रह्मा के मुँह से वेदों का ज्ञान निकल गया, तब असुर हयग्रीव ने उस ज्ञान को चुराकर निगल लिया. तब lord vishnu अपने प्राथमिक अवतार मत्स्य के रूप में अवतीर्ण हुए और स्वयं को राजा सत्यव्रत मनु के सामने एक छोटी, लाचार मछली बना लिया.

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वेदों के अपहरण के बाद चारो तरह पाप का साम्राज्य होने लगा. उस समय भी सत्यव्रत मनु इस पाप से अछूते रहे . एक दिन सुबह के समय राजा सत्यव्रत मनु सूर्यदेव को अर्घ्य दे रहे थे तभी एक मछली ने उनसे कहा आप मुझे अपने कमंडल में रख लीजिये . दया और धर्म के अनुसार राजा सत्यव्रत ने मछली को अपने कमंडल में ले लिया और घर की ओर निकले, घर पहुँचते तक वह मत्स्य उस कमंडल के आकार का हो गया, राजा नें इसे एक पात्र पर रखा परंतु कुछ समय बाद वह मत्स्य उस पात्र के आकार की हो गई. अंत में राजा सत्यव्रत मनु नें उसे समुद्र में डाला तो उसने पूरे समुद्र को ढँक लिया. तब राजा सत्यव्रत मनु आश्चर्यचकित हो गए और उन्होंने हाथ जोड़कर उस सुनहरी-रंग मछली से अपना सत्य उजागर करने के लिए कहा.

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तब उस सुनहरी मछली ने अपना विराट रूप प्रस्तुत किया और अपने भक्त सत्यव्रत से कहा कि आज से ठीक सातवें दिन प्रलय आएगा तत्पश्चात् विश्व का नया श्रृजन होगा वे सभी जड़ी-भूति, बीज और पशुओं, सप्त ऋषि आदि को इकट्ठा करके प्रभु द्वारा भेजे गए नाव में संचित करें. फिर यह अति-विशाल मछली हयग्रीव को मारकर वेदो को गुमनाम होने से बचाया और उसे ब्रह्मा को दे दिया. जब ब्रह्मा अपने नींद से उठे जो प्रलय के अन्त में था, इसे ब्रह्म रात अर्थात ब्रह्म की रात पुकारा जाता हैं, जो गणना के आधार पर ४ ३२० ००० ००० सालो तक चलता है. जब ज्वार ब्रम्हांड को भस्म करने लगा तब एक विशाल नाव आया, जिस पर सभी चढ़े. भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार ने उसे सर्पराज वासुकि को डोर बनाकर बाँध लिया और सुमेरु पर्वत की ओर प्रस्थान किया.

रास्ते में भगवान मत्स्य नारायण ने मनु (सत्यव्रत) को मत्स्य पुराण सुनाया और इस तरह प्रभु ने सबकी प्रलय से रक्षा की, तथा पौधों तथा जीवों की नस्लों को बचाया और मत्स्य पुराण की विद्या को नवयुग में प्रसारित किया. मित्रों आपको मेरी यह bhakti kahani matsya avatar hd images अगर आपको यह पसंद आई हो तो ब्लॉग को सबस्क्राइब करें, लाइक करें और शेयर करें और दूसरी कहानी के लिये इस लिंक kaliji ka photo पर क्लिक करें.

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