hindi suspense story

suspense story in hindi

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Written by Abhishek Pandey

suspense story in hindi  २२ मार्च १९७८ को ग्लेनडेल की एक युवती को एक सूनसान सड़क पर गोली मार दी गयी  .  लड़की को जल्द ही स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और कुछ  देर में ही उसे मृत घोषित कर दिया गया  .

 

 

शिकार थी २१  साल की सुसन स्च्मिद्त और उसके क़त्ल से सभी माँ बाप अपनी बेटियों की सुरक्षा के लिए चिंतित रहने लगे . लोगों को लगा की उसका कोई आशिक था या उसे चोरी के मकसद से मारा गया , पर करीब ४ दशकों तक जांचकर्ताओं को उसके क़त्ल का उद्देश्य नहीं मिला  .

 

 

उस रात से स्च्मिद्त के माँ बाप और पुलिस विभाग ने केस को हर तरीके से जांच लिया लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला .  एक गवाह ने कार के पास एक अज्ञात पुरुष को देखा था पर इतना काफी नहीं था .

 

 

 

समय समय पर स्चिम्दित परिवार और पुलिस ने जनता से सुराग की अपील की लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ .  क्यूंकि स्च्मिद्त को पास से गोली मारी गयी थी इसीलिए पुलिस को लगा शायद वो कातिल को जानती थी .

 

 

 

हर ठन्डे केस की तरह हर कुछ सालों में सारे सबूतों की नयी तकनीकों के साथ दुबारा जांच की गयी . अंत में जांचकर्ता पहुंचे ब्रिस्टल वर्जिनिया के ५४ साल के एडवर्ड मीन्होल्ड तक .  मीन्होल्ड उस समय 17 साल का था और उसका हिंसक अपराध का कोई इतिहास नहीं था और इसी लिए उस पर पहले शक नहीं गया .

 

 

suspense story in hindi  – २ 

 

ऍफ़ बी आई  की एक सालाना परंपरा है  जिसमें किसी हिंसक अपराध में सजा दिलवाने वाले किसी एक  फिंगरप्रिंट तकनीशियन को पुरस्कृत किया जाता है  .  २०११ में ये पुरस्कार जीतने वाले ने १९६९ के एक केस में खुलासा किया था .

 

१९६९ क्रिसमस के समय हॉस्टन में टेलीफोन ऑपरेटर डायने जैक्सन को अपने कार्यक्षेत्र के पार्किंग एरिया से अगवा कर लिया गया .  पास ही की एक शैक में उसके साथ बलात्कार कर उसका गला घोंट और चाकू मार कर उसकी हत्या कर दी गयी .  पुलिस को उँगलियों के निशान मिले पर जब वह किसी से मेल नहीं खाते थे तो वह कुछ ज्यादा मददगार साबित नहीं हुए .

 

 

१९८९ में जैक्सन का भाई जो अब पुलिस में अफसर था , उसने दुबारा केस की शुरुआत की .  एक हॉस्टन के अख़बार ने जनता से गुज़ारिश की अगर कोई जानकारी उन्हें मिले तो वो आगे मुहैया करें .  तकनीकी विकास होने से और फिंगरप्रिंट  के लिए डेटाबेस बनने से , उस फिंगरप्रिंट को दुबारा ढूँढा गया .  स्थानीय डेटाबेस में से कोई भी नतीजा नहीं निकला .

 

 

फिर जुलाई २००३ में एफ बी आई तकनीशियन जिल किन्कडे को ७० लाख लोगों के फिंगरप्रिंट्स में सिर्फ ५  घंटे ढूँढने के बाद मेल खाते कुछ प्रिंट मिले . किन्कडे ने उसमें से २० संभावित गुनह्गारों की एक सूची बनायी , जिसमें से एक पर पुलिस की पैनी नज़र थी और वो था जेम्स रे दविएस .

 

 

 

दविएस को पूछताछ के लिए बुलाया गया और पता चला की जैक्सन के क़त्ल से कुछ दिनों पहले ही वह जेल से छूटा था .
२४  नवम्बर २००३ को अपनी बहन के क़त्ल के तीन दशक के बाद डेविड जैक्सन ने उसके कातिल को अपना गुनाह कबूलते देखा . दविएस को उसकी  बाकी की ज़िन्दगी के लिए जेल भेज दिया गया .

 

 

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