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saat ghodo ki photo

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saat ghodo ki photo मित्रों इस पोस्ट में हम आपको सात घोड़ों की फोटो दे रहे हैं, जिसे आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं और इसके साथ ही आपको चन्द्र शेखर आज़ाद की एक स्टोरी बता रहा हूँ.

बुंदेलखंड में ओरछा के निकट एक नदी बहती है, जिसका नाम सातार नदी है. उसी नदी के किनारे एक छोटी सी नदी कुटिया थी , जिसमें एक आदमी रहता था. घर – बार तो उसका कुछ था नहीं , बदब पर बस एक लंगोटी बांधे रखता था. लोग उसे ” ब्रह्मचारी ” कहकर बुलाते थे. आस पास के किसी गाँव में जब कोई पूजा पाठ होता था तो लोग उसे बुलाकर ले जाते थे. उसने कुछ मन्त्र याद कर लिए थे , जिसे वह पूजा – पाठ में पढ़ते थे. कुटिया के आस – पास ग्घना जंगल था. जंगल में विभिन्न तरह के पक्षी चहचहाते थे, वन्य पशु भी घुमते थे.

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एक दिन जंगल का एक बड़ा अधिकारी आया और ब्रह्मचारी से बोला कि इधर एक जंगली सूअर आया है , उसे भगाना है और इसके लिए आपको भी चलना होगा.

ब्रह्मचारी ने हाथ जोड़कर कहा नहीं…नहीं मैं नहीं जा सकता, मुझे जानवरों से बहुत डर लगता है. इस पर अधिकारी ने मुंह बिचकाकर कहा कि अरे ब्रह्मचारी होकर डरते हो . चलो मैं भी तो तुम्हारे साथ हूँ , साथ ही यह बन्दुक ले लो, अगर सूअर आपके पास आ गया तो उसे मार देना.

अरे मैं इस बन्दुक का क्या करूंगा, मुझे तो यह बन्दुक चलाना ही नहीं आता.

चलिए कोई बात नहीं….वैसे तो सूअर आप तक नहीं आएगा और अगर आएगा तो उसे बन्दुक की मूठ से मार देना….ब्रह्मचारी फिर भी ना ना करना रहता, लेकिन अधिकारी नहीं माना और उसे खींचकर जंगल में ले गया और अपने से कुछ गज पर ब्रह्मचारी को बिठा लिया.

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तभी सूअर भागता हुआ उधर से निकला . अधिकारी ने निशाना लगाकर गोली दाग दिया, लेकिन निशाना चूक गया. जब तक दूसरी गोली चलती सूअर उधर से निकल गया था. अब वह अधिकारी हैरान था की तभी उसने गोली की आवाज सुनाई दी और उसने देखा की सूअर धरती पर गिरा पडा हुआ था. अधिकारी जब पास जाकर देखा तो गोली एक दम निशाने पर लगी थी. तभी ब्रह्मचारी वहा आ गया और घबराते हुए बोला “सर , सूअर अचानक से मेरे सामने आ गया. मैं डर गया था और अचानक से गोली चल गई.

अधिकारी ने कहा ” झूठ मत बोलो. सच – सच बताओ तुम कौन हो ? तुम्हारी निशानेबाजी अव्वल दर्जे की है. यह काम किसी कुशल निशानेबाज का ही हो सकता है “.

ब्रह्मचारी फिर भी इधर – उधर की बाते करता रहा और तरह – तरह की बाते बनाता रहा. लेकिन ब्रह्मचारी जितना ज्यादा बहाना बनाता था, अधिकारी का संदेह उतना ही अधिक बढ़ता गया. अंत में वह ब्रह्मचारी उस अधिकारी को लेकर कुटिया में आया और अधिकारी को कसम खिलाई की वह किसी से इसके बारे में बात नहीं करेगा और फिर बताया कि ” मैं चंद्रशेखर आज़ाद हूँ”. मित्रों आपको नेरी यह पोस्ट saat ghodo ki photo आपको कैसी लगी जरुर बताएं और इस तरह की पोस्ट के लिए इस ब्लॉग को लाइक , शेयर और सबस्क्राइब करें और दूसरी कहानिया के लियी इस लिंक sati anusuiya पर क्लिक करें.

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