hindi sad love story

Sad Story in Hindi . दर्दभरे प्यार की सच्ची कहानियां हिंदी में। Hindi Best Story

Sad Story in Hindi love
Written by Abhishek Pandey

Sad Story in Hindi Love सच्ची प्रेम कहानी

 

 

 

Sad Story in Hindi अपने जीवन में हर किसी को एक बार प्यार  जरूर हाेता है,लेकिन वह अक्सर  one sided love  हाेता है… लेकिन इसका भी अपना एक मजा हाेता है.

 

 

हर समय अपने प्यार को  पा जाने की उम्मीद और उस उम्मीद से हाेती खुशी काे बयां कर रहा हूँ अपनी इस कहानी  One sided sad love story in hindi  में….

 

 

 

चंदन राठाेर गाेरा चेहरा, खूबसूरत स्टाइलिस बाल, ब्रांडेड चश्मा लगाये बुलेट से आफिस जा रहा था कि अचानक जाम में फस गया.
अमूमन इस रास्ते पर कभी जाम नही लगता फिर आज कैसे लग गया.
चंदन मन ही मन साेच रहा है क्योंकि उसे आज आफिस जल्दी पहुंचना है. आफिस का सारा काम निपटाकर उसे अपने परम मित्र बिपिन के घर जाना है और उसकी   birthday party  में शरीक हाेना है.

इस उढेडबुन मे जाम कब खत्म हो गया उसे पता ही नहीं चला ..जब पीछे से तमाम गाडियों की टीं टीं….पी -पी की आवाजें और लाेगाें के शाेर ” जाम खत्म हो गयाे भाई, साे गया क्या, अरे गाडी निकालाे “सुनाई दी, तब चंदन की साेचनिद्रा टूटी.

 

 

 

 

उसने फटाफट गाडी स्टार्ट की और जैसे ही आगे निकला कि स्कुटी पर बैठी एक लड़की उसकी तरफ देखकर मुस्कराते हुये और ऐसा रियेक्ट करते हुये कि “कहा खो गये थे” आगे निकल गयी और चंदन उसे अवाक सा देखता रह गया.लेकिन फिर वही गाडियों के शाेर उसकी साेच काे भंग किये और वाे आगे निकला.

 

 

 

वह लड़की उसके दिलाे- दिमाग पर छा गयी थी… वह  पूरे रास्ते सिर्फ उसके ही बारे में साेचता रहा. चंदन आफिस पहुँचा.. फटाफट अपने काम निपटाने लगा… लेकिन उसका मन नही लग रहा था… वह बस उसके बारे मे ही साेच रहा था कि ” काैन थी वो “.
किसी तरह काम निपटाकर वह बिपिन के घर गया… बिपिन चंदन का लंगाेटिया यार है.बिपिन चंदन काे देखते ही भडक गया .”अभी आ रहा है तू… तुझे मैने सुबह मे ही बुलाया था… अपने  दोस्त की बात नहीं मान सकता तू”.”अरे… अरे.. शान्त -शान्त.. मेरे  birthday boy मिस्टर बिपिन रॉय.

 

 

One Sided Love Story

 

 

 

कृपया  शान्ति बनाये…. राेज ताे तू डाटते ही रहता है कम से कम आज ताे बख्श दे”…चंदन बाेला…फिर दानाे हंसते हुये गले मिले. तभी  घर के बरामदे में वही लड़की दिखी… एकदम वही चेहरा वही नैन -नक्श और वैसे भी जब One sided sad love story in hindi  हाेता है ताे चेहरा उस समय की हर चीज़ याद रहती है.

 

 

 

 

अबे साले छाेड…. क्या कर रहा है ….दाेस्त हूं तेरा..  Girlfriend  नहीं, जाे तू इतना  tight hug  कर रहा है… बिपिन बाेला. तब चन्दन की नजर हटी और उसने बिपिन से तपाक से बरामदे की ओर उंगली दिखाते हुए बाेला “वाे काैन है”.

चप्पल से मारूंगा तुझे… याददाश्त चली गई है क्या तेरी….क… क… क्या हुआ… काै… काैन है वो… बिपिन की बात काटते हुये और थाेडा घबराते हुये चंदन बाेला.

 

 

 

क्या.. क्या हुआ.. मां है मेरी और तेरी आन्टी… बिपिन थाेडा गुस्सा दिखाते हुए बाेला. अरे बेटा चंदन.. कब आया.. आ जा नाश्ता पानी कर ले…. बिपिन की मां (सरला देवी) ने चंदन से कहा.
चंदन ने उनकी तरफ देखा और बाेला हां आन्टी अभी आया…” Thank god  ….मैं ताे डर ही गया था ” साेचते हुये चंदन दाैडकर बरामदे में गया…उसने सरला देवी काे प्रणाम किया.
देखा मां… पेटू काे… खाने के टाइम पर आया और खाने के नाम पे दाैडकर भागा…. और तुझे बाेलता है कि ” काैन है ये “……बिपिन अपनी माँ से थाेडा इठलाते हुये बाेला.

चल जा.. अपना काम कर… जब से आया है बेचारे काे परेशान ही कर रहा है… सरला देवी ने बिपिन काे डाटते हुये बाेली.ठीक है मां… बिपिन ने चंदन की ओर देखा… और चंदन उसे चिढ़ाते हुये हाथ से जाने का इशारा किया..

 

 

 

बेटी रचना… चंदन के लिए नाश्ता ले आना ताे… कहती हुयी  सरला देवी कुछ काम से चली गयीं.चंदन अपने मोबाइल  पर.  News  पढने लगा.
मि. पेटू… लिजीये नाश्ता… चंदन ने जैसे ही उपर देखा वही मुस्कराता हुआ चेहरा दिखा. ओह! मिस. रचनाकार…ओह! सारी… मिस. रचना जी…  Thank god  चलिये आपका नाम ताे पता चला.
वह और बहुत सारी बातें करना चाहता था कि तभी सरला जी ने फिर रचना काे बुला लिया,और वाे मुस्कराते हुये चली गई. चंदन उसे प्यार करने लगा था…. लेकिन उसे शायद यह नहीं पता था कि सिर्फ  happy beginning  है.

 

 

 

One sided sad love  की यही ताे खासियत है.. वह हर लम्हे मे उम्मीद ढूँढ लेता है. चंदन बिपिन के घर के सदस्य की तरह था.. और वह मेहमान बनकर नही आया था साे वह घर के कामाे मे  busy  हाे गया… लेकिन उसकी निगाहें हर पल बस रचना काे ढूढती रही.

 

 

 

शाम का समय हाे गया है. सारे मेहमान आ गये हैं. केक काटने का समय भी हो चुका है. सब एक दूसरे से बातें कर रहे हैं और चंदन की निगाह बस रचना काे ढूँढ रही हैं.

 

चंदन मन ही मन साेच रहा था कि सारे मेहमान आ गये…..केक काटने का समय हाे गया है… बिपिन भी आ गया है.. ताे फिर रचना कहा है… सब ठीक तो है न… वह बढकर बिपिन से पूछने ही वाला था कि.. सरिता देवी ने लाेगाें काे संबोधित करते हुये कहा कि आज बिपिन का  23वां जन्मदिन है.
आज बिपिन 23 साल का हाे गया… अब मैं अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हाेना चाहती हूँ… मैने बिपिन के लिए लड़की ढंूढ ली है और वाे इसी महफिल में है.
सब एक दूसरे को देखने लगे. सब  surprised  थे….. तब सरिता देवी ने कहा कि उसका नाम रचना है… तालियाें की गडगडाहट से पूरी महफिल गुन्जायमान हाे गयी… लेकिन चंदन पुरी तरह टूट गया… उसे अब भी भराेसा नहीं हो रहा था.. वह रचना की तरफ देखा.. वह बहुत खुश लग रही थी.
चंदन काे इस बात का एहसास हो गया था कि यह  one sided love  था…. तालियां अब भी बज रही थीं…. चंदन चुपके से वहां से निकल गया… शायद अब उलके लिए वहां कुछ नहीं रह गया था… वह सीधा अपने आफिस पहुँचा… रात पूरे अपने शबाब पर थी… हल्की हल्की बूंदे गिर रही थीं… मानो ऐसा लग रहा था कि चंदन के साथ सारा आसमान राे रहा हाे.

Sad Story in Hindi  प्यार में याद की कहानी

२- यह भीगा भीगा माैसम और तेरी याद में आखाें से बहता पानी.. दाेनाे तन मन में आग लगा रहे हैं… आपके जाने के बाद यह सूनापन यह खालीपन मुझे अन्दर ही अन्दर खाये जा रहा है़.
ना दिन में चैन है ना ताे राताें में नीद… आखिर कहा चले गये तुम… ना काेई चिठ्ठी ना काेई संदेश… क्या तुम्हें मेरी याद नही आती… क्या वाे प्यार वाली बाते याद नही आती.
जब हम और तुम हाथाें मे हाथ डाले इन्ही फूलों की क्यारियाें मे अठखेलियाँ करते थे… आज वही फूल हैं वही क्यारियां… बस नही है ताे वह रंग.. वह खुशबू.. वह उमंग.
तुम्ही ताे मेरे सब कुछ थे.. मेरा रूप, मेरा रंग, मेरी उमंग, मेरी हंसी, मेरी खुशी, मेरा मान सम्मान… तुम नही ताे मैं कुछ नही…. तुम्हारे बिन मैं वैसे ही तड़प रही हूं.. जैसे जल बिन मछली.
तुम्हारे बिना बिना यह रूप श्रृंगार कुछ अच्छा नही लगता… मुझे खूब अच्छी तरह याद है जब मैं सज धज कर इठलाते हुये आपके सामने आती थी और आप प्यार से मेरे माथे काे चूम लेते थे…. लेकिन अब किसके लिये सजना, मेरा सजना ताे परदेस में है.

बड़ा जालिम है… इतने बरस बीत गये…लेकिन काेई सुध ना ली… फिर से बैरी सावन आ गया…..हर ओर हरियाली छायी है…लेकिन मेरे जीवन मे वही सूखापन…. सारा छाेर खुशियाें से इठला रहा है… लेकिन मेरा मन विरह वेदना से व्यथित है. सारी सखिया रिमझिम फुहाराें का आनंद लेती हुयी अपने प्रियतम के साथ झूला झूल रही है… और एक मैं बिरह से व्याकुल अपने प्रिय की राह देख रही हूं.

 

 

 

आग लगे उस मनहूस समय काे जब मेरे हमराह परदेस गये… दिन तो किसी तरह बीत जाता है… बैरन रात ताे बहुत तड़पाती है… हर पल बस आपकी याद आती है… याद के सिवा और है क्या मेरे पास… उसी याद के सहारे जी रही हूं….रात भर उठ उठ कर आपके फाेटाे काे निहारती हूं.
हर आहट पर दिल की धड़कन बढ़ जाती है….आपके बिन मेरी यह जिंदगी रेगिस्तान बन गयी… इस रेगिस्तान में सावन की तरह बरस जाओ….. आ जाओ… प्रियतम मेरे घर आ जाओ.

मेरा सच्चा प्यार Sad Story in Hindi

 

मेरा नाम रघु है।  यह मेरी सच्ची प्रेम कहानी है। अभी मैं १२वीं कक्षा का छात्र हूँ।  जब मैं ११वीं कक्षा में था तब मुझे पहली बार प्यार हुआ था।
उसका नाम रागिनी था।  वह बहुत ही चंचल और खूबसूरत थी। वह बगल के कालेज में पढ़ती थी। एक दिन जब रोज की तरह अपने घर जा रहा था तो मेरी नज़र उससे टकरा गयी और पहली ही नज़र में उसका खुमार मुझ पर छाने लगा।
मैं उसे रोज देखता।  अब तो उसकी आदत सी हो गयी थी मुझे।  हर वक्त बस उसका चेहरा ही नज़र आता था।  आज कल मैं प्रेम गीत भी बहुत सुनने लगा था। इस बदलाव को बहुत लोगों ने महसूस किया लेकिन मैं बात को टाल  देता था।
एक दिन रागिनी मुझे नहीं दिखी। मैं तो बड़ा परेशान हो गया।  पागलों की तरह इधर – उधर उसे ढूंढने लगा।  मन में तरह – तरह के ख्याल आते थे, फिर मैं मन को समझाता शायद उसकी तबियत खराब हो गयी थी।
मेरे लिए रागिनी का क्या महत्व था वह आज पता चल रहा था।  किसी तरह से मैं घर पहुंचा।  ना तो खाने का मन कर रहा था न तो कुछ करने का। पूरी रात करवटों में कट गयी।
अगले दिन फिर से कालेज से छूटने के बाद रागिनी का दीदार हुआ, तब दिल को चैन पड़ा।  अब मैंने यह तय कर लिया कि रागिनी से बात करनी ही होगी, लेकिन कैसे ?
डायरेक्ट बात हो नहीं सकत।  उसके गुस्सा होने का डर था।  उसकी सहेलियों के बारे में भी ख़ास जानकारी नहीं थी। वह केवल दो सहेलियों के साथ ही दिखती थी, लेकिन उनसे भी बात करने में डर लग रहा था, कहीं कोई एक थप्पड़ लगा दे तो बस…
अब मैंने रागिनी का नाम जानने का प्रयास किया, क्योंकि तब तक मुझे उसका नाम नहीं पता था। मुझे यह पता था कि उसकी सहेलियां जरूर उसे नाम से पुकारती होंगी।
कुछ दिनों की मेहनत के बाद उसका नाम मुझे पता चल गया।  उसका नाम था रागिनी दीक्षित।  अब मैंने फेसबुक का सहारा लिया और उसका नाम सर्च करने लगा।
अब तो कई सारे नाम उसपर आ गए।  सबसे बड़ी बात यह थी कि लड़कियां जल्दी अपनी इमेज डीपी पर नहीं लगाती।  अब बड़ी मुश्किल थी। सबकी प्रोफ़ाइल चेक करते हुए एक दिन सफलता मिली।
रागिनी ने अपने बर्थडे का एक पिक्चर अपने फेसबुक वाल पर शेयर किया था। अब क्या मैंने उसे रिक्वेस्ट भेज दी।  उसके बाद मैं बेसब्री से इन्तजार करने लगा।
बार – बार अपना फेसबुक खोलता।  करीब ३ घंटे बाद उसने रिक्वेस्ट असेप्ट कर ली और मैजेस किया, ” वाह आखिर तुमने मुझे ढूंढ ही लिया। “
अब तो मुझे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या जवाब दूँ इसका।
इसका मतलब वह मुझ पर नज़र रख रही थी।  काफी सोचने के बाद मैंने उसे मैसेज किया, ” सॉरी,  मैं समझा नहीं। “
” ओहो ! इतना दिन से पीछा कर रहे हो और अब समझे ही नहीं। ” रागिनी का रिप्लाई आया।
अब मुझे यकीं हो गया कि वह मेरी ही बात कर रही थी, पर मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा था कि वह मुझे फॉलो कर रही थी जबकि मेरे हिसाब से मैं उसे फॉलो फॉलो कर रहा था।
धीरे – धीरे हमारी दोस्ती की रफ़्तार में तेज़ी आने लगी।  हम काफी बाते आपस में शेयर करने लगे।  एक – दूसरे की पसंद नापसंद भी अच्छी तरह से समझने लगे।
एक दिन मैंने सोचा अब रागिनी को प्रपोज कर देना चाहिये।  मैंने रागिनी को मैसेज किया कल तुम सुबह ११ बजे कालेज के बगल वाले पार्क में मिलो।  मुझे कुछ स्पेशल बताना है।
इसपर उसने भी कहा मुझे भी कल कुछ सरप्राइज देना है।  मैं बहुत दिनों से सोच रही थी।  मैं तो रागिनी के प्यार में बावरा हो गया था।  मैं मन ही मन खूब खुश हो रहा था।
मुझे लगा कल रागिनी भी प्यार का इज़हार करेगी। रात कैसे बीत गयी पता ही नहीं चला। सुबह फ़टाफ़ट तैयार होकर मैं पार्क में पहुँच गया।  कुछ ही देर में वहाँ रागिनी भी आ गयी।
आते ही उसने पूछा क्या बोलना था बोलो ? इसपर मैंने बोला, ” नहीं तुम बोलो।” दरअसल मैं उससे ही प्रपोज करवाना चाहता था।  वह बार बार बोली पहले तुम… मैं बोलता पहले तुम …… तभी उसने कहा मेरी शादी फिक्स हो गयी है।  कल सगाई है।  मैं कौन सा ड्रेस पहनू यही पूछना था।
तुम्हे तो मेरी च्वाइस पता ही है न…….यह सुनते ही मुझे ज़ोर सा झटका लगा।  ऐसा लग रहा था कि धरती फट रही है और मैं उसमें समा रहा हूँ। मैं वही बैठ गया।
तभी रागिनी ने कहा क्या हुआ? तबियत तो ठीक है न ? यह लो पानी पीओ। मैंने इंकार कर दिया।  आज पहली बार था जो मैंने उसके हाथ की दी हुई कोई चीज इंकार की हो।  नहीं तो उसके हाथ का जहर भी मैं अमृत समझ कर पी लेता।
तब उसने पूछा, “अच्छा तुम क्या बताने वाले थे ? “
मैंने खुद को संभाला और बोला कुछ नहीं।  चलो तुम्हे खरीदारी करनी है न।  हम दोनों चल दिए।  मैं बहुत ही निराश था।  सारी दुनिया सूनी  – सूनी  लग रही थी।
तभी अचानक से रागिनी ने पूछा, ” क्या हुआ लडके का नाम भी नहीं पूछा तुमने? “
तब मैंने कहा, ” छोडो जाने दो।  तुम्हे पसंद है ना बस।  “
 ” ऐसा थोड़ी होता है।  चलो ठीक है फोटो तो देख लो ” रागिनी ने कहा।
मैंने बेमन से मना कर दिया।  इधर मेरी दुनिया उजड़ी हुई थी और उसे अपनी ख़ुशी की पड़ी थी।  लेकिन मैं अपना दुःख उसके सामने नहीं बता सकता था।  क्योंकि इससे उसे दुःख होता और मैं उसे दुखी नहीं देख सकता था।
तभी बातों- बातो में उसने थोड़ा सा फोटो दिखाया।  फोटो देखकर मैं चौंका। मैंने उससे पूरा फोटो दिखाने के लिए कहा, लेकिन वह मुस्कुराते हुए ना – ना करने लगी।
इतने में मैंने उससे फोटो छीन ली। मेरे आश्चर्य का ठिकाना नहीं रहा।  यह तो मेरी ही फोटो थी।  मैंने उससे पूछा, ” यह सच है ? “
उसने कहा, ” हमारी पसंद नापसंद, सोच सब एक – दूसरे से मिलता है तो प्यार क्यों नहीं मिलेगा।  “
मेरे आँखों में आंसूथे , लेकिन प्यार के…सच्चे प्यार के।
मित्रों यह कहानी Sad Story in Hindi आपको कैसी लगी जरूर बताएं और Sad Story in Hindi की तरह की दूसरी कहानी के लिए इस ब्लॉग को सब्स्क्राइब जरूर करें और दूसरी हिंदी कहानियां नीचे पढ़ें।

 

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Abhishek Pandey

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