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Sankranti . मकर संक्रांति साल का पहला त्यौहार. Makar Sankranti in Hindi

Sankranti in Hindi

Makar Sankranti in Hindi मकर संक्रांति 

 

 

 

Sankranti  ख़ुशी और समृद्धि का प्रतीक यह  त्यौहार सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है. भारत के विभिन्न त्योहारों में से यह बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है.

 

 

 

यह अंग्रेजी कैलेण्डर के हिसाब से साल का पहला त्यौहार होता है. इस त्यौहार में खासकर प्रकृति की पूजा होती है. इसे Makar Sankranti भी कहा जाता है. 






 Sankranti भारत के अलग – अलग राज्यों में अलग – अलग नामों से मनाया जाता है. उत्तर भारत में मकर संक्रांति या फिर खिचड़ी, पंजाब में लोहिडी, गुजरात और राजस्थान में इसे उत्तरायण पर्व, आंध्रप्रदेश में संक्रांति, तमिलनाडु में पोंगल और असम में बिहू नाम से मनाया जाता है.

 

 

 

 

पश्चिम बंगाल में इस दिन हुगली नदी पर गंगा सागर मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बहुत अधिक श्रद्धालु स्नान के लिए आते हैं. गंगासागर के स्नान का बहुत महत्व है, इसीलिए कहा गया है “सब तीरथ बार बार , गंगासागर एक बार “.

 

 

 

मकर संक्रांति इन हिंदी 

 

 

 

महाराष्ट्र में इस दिन दिल गुड़ खाया जाता है और लोग एक दुसरे को तिल गुड़ देते हुए कहती हैं ” तिल गुड़ घ्या..गोड गोड बोला “…….इस दिन पतंग उड़ाने की भी परम्परा है और यह ज्यादातर राजस्थान और गुजरात में प्रचिलित है.

 

 

 

 

उत्तर भारत में लोग इस दिन सुबह जल्द उठकर स्नान आदि करके मंदिरों में दर्शन करते है या फिर घर पर ही भगवान से सुख और शान्ति की कामना करते है और उसके बाद अपने सी बड़ों का आशीर्वाद लेकर गुड़ और तिल के बने लड्डू को खाकर इस त्यौहार की शुरुआत करते है.

 

 

 

Sankranti in Hindi

 

 

 

Sankranti में खिचड़ी का बहुत ही महत्व है. भगवान सूर्य को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है. इसी दिन से कुम्भ का पहला स्नान शुरू होता है. यह त्यौहार पूर्ण रूप से प्रकृति को समर्पित है.

 

 

 

 

इस दिन गुड़, तेल, कम्बल, छाता आदि का दान देना बहुत फलदायी होता है. इस दिन सूर्य उत्तर की ओर गमन करता है. कहते हैं कि जिन लोगों की मृत्यु उत्तरायण में होती है उन्हें कृष्ण धाम प्राप्त होता है.

 

 

 

इस लोग सुबह – सुबह पवित्र नदी या घर पर ही स्नान करके पहले भगवान् की पूजा पाठ करते हैं और अपने से बड़े लोगों के पैर छूकर आशीर्वाद लेते हैं और उसके बाद तिल-गुड़ खाने की परम्परा है. 

 

 

 

इस त्यौहार में पतंग उड़ाने की भी परम्परा है. बच्चे पतंगबाजी करके ख़ुशी और उल्लास के साथ इस त्यौहार का भरपूर लुफ्त उड़ाते हैं. 

 

 

 

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Abhishek Pandey

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