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story for kids in hindi / शेर और चूहा

story for kids in hindi / शेर और चूहा
story for kids in hindi / शेर और चूहा
Written by Hindibeststory

story for kids in hindi / शेर और चूहा इतने दिन से जंगल में भटक रहा हूँ…एक भी शिकार हाथ नहीं लग रहा है……किस्मत एकदम से रूठ गयी है……आज आख़िरी बार जाल डाल रहै, अगर कोई शिकार जाल में नहीं फँसा तो शिकार करना छोड़ दूंगा…जब पूरे दिन जंगल में भटकने पर भी हाथ में कुछ नहीं आएगा तो मेहनत करके क्या फ़ायदा…..चलो यह आख़िरी बार कोशिश करता हूँ….यह कहते हुई रामू बहेलिए ने जाल डाल दिया और सो गया.

खिलाड़ी चूहा{जैसा नाम वैसा ही काम} अपने घर में बहुत बदमाशी करता था. उससे घरवालों के साथ-साथ पूरा चूहों का मुहल्ला परेशान था. एक दिन एक बूढ़ा चूहा खाने के तलाश में कहीं जा रहा था तो खिलाड़ी चूहा ज़ोर से चिल्ला कर बोला ” दादा जी सामने से बिल्ली मौसी आ रही है”…इतना कहकर वह खुद भी दौड़ कर भागने लगा….यह देख बूढ़ा चूहा डर गया और बहुत ही तेज़ी से भगा…..वह इतनी तेज़ी से भगा कि उसके आगे ” उसैन बोल्ट ” भी पीछे पद जाये…..इस दौड़ में उस बूढ़े चूहे का चश्मागिर करटूट गया…..यह देख खिलाड़ी चूहा जोर-जोर से हँसने लगा.

<खिलाड़ी चूहा उस बूढ़े चूहे को बहुत परेशन करता था...एक दिन वह बूढ़ा चूहा सोया हुआ था....खिलाड़ी चूहेनेउसकी पूंछ में एक छोटा सा डंडा बाँध दिया और ज़ोर से चिल्लाया "बिल्ली मौसी आई.....बिल्ली मौसी आई" और बगल में चुप गया. उस दिन सच में बिल्ली आ गयी...यह देखकर खिलाड़ी चूहे की सिट्टी-पिटी गुम हो गयी...वह डरने लगा..... वह बूढ़े चूहे से तो बच सकता था लेकिन अब बिल्ली से कैसे बचे....इतने में उसे एक युक्ति सूझी...मरता क्या ना करता...उसने झट से मरने का स्वांग किया और ज़मीन पर पेट के बल उलट गया. लेकिन बिल्ली भी बड़ी सयानी थी..... वह हाथ में आए शिकार को ऐसे ही थोड़े छोड़ने वाली थी...वह उसे घूरकर देखी और हमले की तैयारी करने लगी.....इधर खिलाड़ी चूहे को लगा कि उसकी योजना सफल हो गयी.....बिल्ली मौसी भाग गयी...उसने अपनी एक आंख धीरे से खोलकर देखा तो उसे करेंट के जैसा लगा....और वह डर की मारे उछल गया और सीधे बूढ़े चूहे के पास गिरा...उसने आव देखा ना ताव बूढ़े चूहे की पूंछ से झट से डंडा छुड़ाया और बिल्ली के उपर कूद गया......ऐसे में बिल्ली हड़बड़ा गयी...उसी इसकी ज़रा सी भी उम्मीद नहीं थी...."भाग खिलाड़ी भाग" कहते हुए खिलाड़ी चूहा सरपट भगा...उसके पीछे पीछे बूढ़ा चूहा भी गिरते- पड़ते भाग निकला....बिल्ली सर खुजाते रह गयी. इस घटना से खिलाड़ी चूहे को अपनी ग़लती का एहसास हुआ...उसने बूढ़े चूहे से माफी माँगी और दुबारा ऐसी हरकत नही करने की शपथ ली...कोई बी बुरी या अच्छी आदत इतनी जल्दी नहीं ख़त्म होती है...वही हाल खिलाड़ी चूहे का था...रात गयी..बात गयी, नयी सुबह और खिलाड़ी की बदमाशी शुरू एक दिन वह जंगल में उछल कूद कर रहा था....इतने में वह घूमते हुए एक गुफा तक पहुँच गया...उसने देखा कि यह शेर की गुफा है और शेर उसमे सोया हुआ है....सोए शेर को देख इसके अंदर का शैतान जाग गया...वह गुफा में पहुँचा और शेर के उपर उछल कूद करने लगा....इससे शेर को गुदगुदी होने लगी वह और अच्छी निद लेने लगा...इधर खिलाड़ी चूहे का या रोज का खेल हो गया...वह आता और शेर के बदन पर खूब उछल कूद करता और शेर के जागने से पहले ही भाग जाता. एक दिन वह कूदते- कूदने शेर की नाक पर पहुंच गया...ऐसे में शियर को छींक आ गयी और उसकी नीद खुल गयी...शेर ने झट से खिलाड़ी को पकड़ लिया....वह गुस्से से बोला "चूहे मैं तुझे सज़ा दूंगा" चूहा अपनी इस हरकत पर माफी मांगने लगा.....इस पर शेर को दया आ गयी...उसने दुबारा ऐसा नहीं करने की हिदायत देकर उसे छोड़ दिया.. जाते-जाते खिलाड़ी चूहे ने कहा...." वनराज मैं आपका यह एहसान कभी नहीं भूलूंगा...मौका आने पर इसे चुकता करूँगा" शेर को भूख लग रही थी...वह आज जल्दी उठ गया था...वह शिकार की तलाश में बाहर निकला और थोड़ी ही दूर पर बहेलिए द्वारा बिछाए जाल में वह फँस गया...वह जितना छुड़ाने की कोशिश करता, उसमें और भी फँसता चला जाता...तभी उधर से खिलाड़ी चूहा गुजर रहा था...उसने शेर को देखते ही पहचान लिया...और शेर को चुप रहने का इशारा किया....इसके बाद उसने टीजी से जाल को काटकर शेर को आज़ाद करा दिया...छूटने के बाद शेर ने चूहे को धन्यवाद कहा और दोनो दबे पांव चले गये....कुछ देर बाद जब शिकारी उठा तो यह नज़र देख माथा पीटने लगा...और उसके बाद उसने शिकार करना छोड़ मज़दूरी करने लगा. दोस्तों यह hindi story story for kids in hindi / शेर और चूहा कैसी लगी अवश्य बताएं और भी short moral stories को पढ़ने के लिए ब्लॉग को सबस्क्राइब करें अन्य good moral stories के लिए इस लिंक kisan ki sikh/ किसान की सीख moral stories पर क्लिक करें.

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