Tag - hindi moral story

Moral Story

धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का

धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का  एक बार कक्षा दस की हिंदी शिक्षिका अपने छात्र को मुहावरे सिखा रही थी.  तभी कक्षा एक मुहावरे पर आ पहुँची “धोबी का कुत्ता न घर का न घाट का ”, इसका अर्थ किसी भी छात्र को समझ नहीं आ रहा था .  इसीलिए अपने छात्र को और अच्छी तरह से समझाने के लिए शिक्षिका ने अपने छात्र को एक...

Moral Story

यकीन

यकीन   एक आदमी कहीं से गुजर रहा था, तभी उसने सड़क के किनारे बंधे हाथियों को देखा, और अचानक रुक गया. उसने देखा कि हाथियों के अगले पैर में एक रस्सी बंधी हुई है, उसे इस बात का बड़ा अचरज हुआ की हाथी जैसे विशालकाय जीव लोहे की जंजीरों की जगह बस एक छोटी सी रस्सी से बंधे हुए हैं .  ये स्पष्ठ था कि हाथी जब...

Moral Story

short moral stories for children

short moral stories for children    एक पहलवान जैसा, हट्टा-कट्टा, लंबा-चौड़ा व्यक्ति सामान लेकर किसी स्टेशन पर उतरा.  उसने एक टैक्सी वाले से कहा कि मुझे साईं  बाबा के मंदिर जाना है.  टैक्सी वाले ने कहा- 200 रुपये लगेंगे .  उस पहलवान आदमी ने बुद्दिमानी दिखाते हुए कहा- इतने पास के दो सौ रुपये, आप...

Moral Story

manavata se bada koi dharm nahi 

manavata se bada koi dharm nahi बहुत समय पहले की बात है. एक राज्य में एक ब्राह्मण रहते थे. उनका नाम सोमनाथ था. वे राज्य में काफी सम्मानित थे. लोग उनका काफी आदर सत्कार करते थे. एक तो ब्राह्मण और ऊपर से रईस तो उनका राज्य में काफी रुतबा था. बस एक चीज की कमी थी. उन्हें कोई संतान नहीं थी.   शादी को...

Moral Story

kahani in hindi with moral

kahani in hindi with moral एक साधू और एक डाकू यमलोक पहुंचे . यमराज ने कहा बताईये आपको नरक और स्वर्ग में से क्या दिया जाए और क्यों. दोनों आश्चर्य में पड़ गए कि क्या माजरा है. इन सब का निर्णय तो स्वयं यमराज करते हैं. कुछ सोचकर डाकू ने यमराज से कहा प्रभु मैंने जिंदगी भर पाप कर्म किये, लोगों को तड़पाया...

Moral Story

सन्यासी की सीख moral story

सन्यासी की सीख moral story एक बार की बात है. एक वृद्ध सन्यासी हिमालय की पहाड़ियों में कहीं रहते थे. वह बहुत ज्ञानी थे और उनकी बुद्धिमत्ता की ख्याति दूर -दूर तक फैली थी. एक दिन एक औरत उसके पास पहुंची और अपना दुखड़ा रोने लगी , ” बाबा, मेरा पति मुझसे बहुत प्रेम करता था , लेकिन वह जबसे युद्ध से लौटा है...