Suspense Story

क़त्ल का राज

क़त्ल का राज
Written by Abhishek Pandey

क़त्ल का राज आज इस पोस्ट में हम आपको बहुत लम्बे समय तक चलने वाले केसेज के बारे में बताने जा रहे हैं , जिससे यह साबित हो जाता है की भगवान् के घर देर है अंधेर नहीं  . अधिकतर लोगों के लिए क्रिसमस सद्भावना , प्यार और ख़ुशी का समय होता है .  लेकिन १९८५  में वाशिंगटन के एक छोटे शहर चहलिस में ऐसा नहीं हुआ .  ६  दिन पहले एडवर्ड मौरीन और उनकी पत्नी मिन्नी गायब हो गयी थी .  वह दोनों क्रमशः ८३  और ८१ साल के थे

गवाहों ने जोड़े की गाड़ी को देखा था जिसमें चाबियाँ लगी थीं और खून के धब्बे भी वहां मोजूद थे  . हफ्ता ख़तम होने से पहले उनके शव शहर के बाहर जंगल में मिले , दोनों को गोली मारी गयी थी .  डिटेक्टिव के पास कातिलों के लिए दो संदिग्ध थे –  रिक और जॉन  .  लेकिन गिरफ्तार करने के लिए कोई वजह नहीं थी .  गवाह उनके खिलाफ गवाही देने से कतरा रहे थे क्यूंकि वह दोनों नामी गुंडे थे .  करीब ३० साल निकलने के बाद वाशिंगटन राज्य के वकीलों के पास इतने सबूत इकट्ठे हुए की उनको गिरफ्तार किया जा सके .

उनको गिरफ्तार करने के लिए अलास्का आने से एक हफ्ते पहले ही जॉन रिफ्फे की मौत हो गयी  . रिक इतना किस्मत वाला नहीं थी .  ६ हफ्ते चले इस केस के बाद रिक रिफ्फे को इन दो के इलावा  ७ कत्लों का ज़िम्मेदार माना गया  . उसको १०३ साल की सजा सुनायी गयी . मौरीन परिवार के करीब ५० दोस्त और रिश्तेदार फैसला सुनने के लिए उस दिन अदालत पहुंचे . रिफ्फे की तरफ से  उसके वकीलों के इलावा कोई मोजूद नहीं था .

 

 STORY – 2

 

१६ साल की एमी वेइदनेर  का शव उनके  इन्दिअनापोलीस के घर में मिला था .  उन्हें बुरी तरह से पीटा गया था , रेप  कर उनका गला घोंट दिया गया था .  उस रात वह घर पर अपनी बीमार छोटी बहन का ख्याल रख रही थीं .  घर में चोरी भी हुई थी और उनके भाई जॉन पॉल का स्टीरियो गायब था .

कोई सुराग न मिलने के कारण ( सिर्फ एक खूनी हाथ मोजूद था जो उस ज़माने में किसी काम का नहीं था ) ये केस करीब दो दशकों तक धूल चाटता रहा .  अंत में आई एम् पी डी के अफसर बिल कार्टर की रूचि इस केस में जागृत हुई जब एक साथी ने उनसे लड़की की याद में फेसबुक पर श्रद्धांजलि पेज लाइक करने को कहा  .  एक बार बिल ने लड़की के परिवार से बात की और देखा की उन्होनें उम्मीद छोड़ दी है , तो उसने कसम खाई की वह इस वहशी क़त्ल के पीछे का रहस्य पता कर लेगा .

एक शक्स जो परिवार और इस केस को अच्छे से जानता था उसने कार्टर को लोगों के नाम की सूची दी जिनसे उसे बात करनी चाहिए .  एक था जॉन पॉल वेइदनेर का दोस्त रॉडनी डंक जो गुनाह के वक़्त १८ साल का था  .  जब डंक कार्टर से मिलने नहीं पहुंचा तो उसने डंक के उँगलियों के निशान हासिल कर उन्हें उस खूनी पंजे से मेल कराया .  उन दोनों का मेल एकदम सटीक था  .

 

डंक को इन्दिअनापोलीस में अपने एक दोस्त के यहाँ छिपा हुआ था .  ये देख की उसका गुनाह सबके सामने आ गया है उसने अपनी हाथ की नसें काट लीं , परन्तु  उसकी ये ख़ुदकुशी की कोशिश विफल रही और इस जघन्य अपराध के लिए उसे ६५ साल की सजा हुई  . एमी की माँ ने सजा होने वाले दिन अदालत के सामने प्रेस के लिए एक लिखित दस्तावेज़ जारी किया जिसमें उसने कहा “ मुझे लगा की मैं  किसी दरिन्दे का चेहरा देखूँगी पर जिसे मेने देखा वो था रॉडनी   .  २३ साल ७ महीने और एक दिन तक  हम यही सोचते रहे की हमारे घर में कोई अजनबी आया था” .

 

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