Hindi Kahani Moral Story

zindagi ka sabak status

 zindagi ka sabak status राहुल, विवेक, विनोद तीनो बहुत ही गहरे मित्र थे. तीनों की दोस्ती की चर्चा पुरे गांव के साथ-साथ दूसरों गांव में होती थी. तीनों गहरे मित्र के साथ ही निठल्ले  भी थे. कुछ भी काम धंधा नहीं करते थे…तीनों की आदत एक बराबर थी…यूँ कह लो कि तीनों एक दुसरे से बढ़कर थे.इसीलिए इनकी खूब जमती थी.एक दिन तीनों दोस्त मेला देखने गए…मेले से लौटने काफी रात हो गयी…लेकिन इन्हें कोई भी फर्क नहीं था…ये तीनों अपनी ही मस्ती में चले आ रहे थे. इन्हें विश्वास था कि इनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, लेकिन शायद आज होनी को कुछ और ही मंजूर था.

“तुम तीनों रुको…इतनी रात को कहाँ जा रहे हो” एक कड़क आवाज़ गूंजी

तीनो ठिठक गए और पीछे मुड़कर देखा तो ७ लोग हथियार के साथ खड़े थे…कुछ ही देर में उन लोगों ने इन तीनों को घेर लिया.

ये लोग तीन…वो लोग ….माहौल को देखते हुए विवीक ने डराने का अभिनय करते हुए साड़ी बात बता दी और कहा कि हमें छोड़ दो…जाने दो.

ऐसे कैसे जाने दूं..तुम लोगों के पास जो कुछ भी है तुरंत निकालो…उन ७ आदमियों से एक ने गरज कर कहा

लेकिन हमारे पास तो कुछ नहीं है….आपको विश्वास ना हो तो आप तलासी ले सकते हो…..विनोद ने कहा

चुप….एकदम चुप…मुझे पता है …..तुम भिखारियों के पास कुछ नहीं है….तुम्हे यह पैकेट गाँव के लास्ट में पीपल के पेड़ के निचे रखना है.,,,उन ७ में से एक आदमी ने कहा

ले..लेकिन इनमें क्या है….विनोद हकलाते हुए कहा

सवाल नहीं…..तुम्हे सिर्फ यह पैकेट वहाँ रखना है….और हाँ कोई चालाकी नहीं….मुझे तुम लोगों के सारे काले कारनामे पता है….उनमे से एक ने कहा

नहीं..हम नहीं रखेंगे…..पहले बताओ इसमें क्या है…विवेक ने थोड़ी ढीठता से कहा

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ठीक है फिर…आज तुम लोग मेला गए थे न…लेकिन मेले में तुमने क्या किया उसका नमूना दिखाऊं ….. ओये दिखा तो फोटो इसे….उन ७ में से  एक ने दुसरे को कहा

कहते ही मोबाइल से फोटो दिखाई देने लगे….कि किस तरह ये तीनों लोगों को परेशान कर रहे थे…कुछ सामन भी चुरा रहे थे …..अब तो इन तीनों के पैरों तले जमीं खिसक गयी….मरता क्या न करता…उन्होंने हां कह दिया और पैकेट्स लेकर चल दिए….आज ये तीनों बहुत ही बुरी तरह फंस गए थे….. इनका दिमाग चक्करघिन्नी हो गया था…इनकी समझ में  कुछ नहीं आ रहा था…ये तीनों चुपचाप चल रहे थे…कि इतने में पुलिस की गाडी आती दिखी….अब तो बेचारे और भी बुरी तरह फंस गए…..कुछ ही पल में पुलिस की गाडी इनके पास आकर रुकी…..ये तीनों थर-थर कापने लगे.

कहां से आ रहे हो तुम लोग..कौन सा गांव है तुम लोग का….इतनी रात को कहा गए थे….इन पैकेट्स में क्या है…..पुलिस सिपाही की रौबदार आवाज़ में इतने सारे सवाल सुनकर तीनों की बोलती बंद हो गयी….

क..क..कुछ नहीं साहेब..बस थोड़ा सामान है…राहुल ने हकलाते हुए कहा

zindagi ka sabak status

dosti image

दिखाओ…पैकेट्स दिखाओ कहकर सिपाही ने पैकेट्स उनके हाथ से छीन लिया….अब तो इनकी जान आफत में आ गयी….अब जैसे ही सिपाही ने पैकेट्स को तो सभी अवाक रह गए….उन पैकेट्स में मिटटी थी.

अब सिपाही गुस्सा हो गया…..कहा तुम लोग पुलिस का मजाक उडाते हो…..

रहने दो साहेब….इनके किये का दंड इन्हें मिल गया है….अब यह अवश्य ही सुधर जायेंगे….इन पैकेट्स को हम लोग ही दियी थे….इन लोगों की रात भर घुमने की आदत छुड़ाने के लिए..इन्हें शर्म नहीं आती ये निठल्लों जैसे घुमाते रहे हैं…..इन तीनों लोग राहूल, विवेक और विनोद ने जब पीछे मुड़कर देखा तो वही ७ लोग खड़े थे…लेकिन अब सभी के चहरे सामने थे.

उनमें से एक सरपंच और इन तीनों के पिताओं के अलावा गाँव के कुछ लोग थे….इन तीनों को अपनी गलती का एहसास हो गया….तीनों ने आगे से मेहनत करके कमाने की कसम खायी, फिर पुलिस ने भी इन्हीं हिदायत देकर छोड़ दिया…..अब ये तीनों मेहनत करके कमाने लगे…इन्हें सबक मिल गया था….तो दोस्तों यह good moral stories  zindagi ka sabak statusआपको कैसी लगी, अवश्य बताये और अन्य moral stories के लिए इस लिंक kisan ki sikh/ किसान की सीख moral stories पर क्लिक करें.

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